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आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल ने नियमित जमानत के लिए किया अदालत का रुख, मांगी जमानत

Arvind Kejriwal: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में जमानत के लिए दिल्ली की एक अदालत में याचिका दायर की है।

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नियमित जमानत के लिए CM केजरीवाल ने फिर किया अदालत का रुख

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Arvind Kejriwal: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कथित आबकारी घोटाले से जुड़े धन शोधन के मामले में नियमित जमानत के लिए बृहस्पतिवार को अदालत का रुख किया। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा आज ही, बाद में मामले की सुनवाई कर सकती हैं। उच्चतम न्यायालय ने केजरीवाल को एक जून तक अंतरिम जमानत प्रदान की है।

सीएम केजरीवाल की याचिका पर आज ही हो सकती है सुनवाई

केजरीवाल ने दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। एक याचिका में दिल्ली आबकारी नीति घोटाले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा शुरू किए गए मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नियमित जमानत मांगी गई है। जबकि दूसरी याचिका में चिकित्सा आधार पर सात दिनों के लिए अंतरिम जमानत मांगी गई है। दोनों जमानत याचिकाओं पर आज दोपहर 2 बजे राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हो सकती है। इस मामले में केजरीवाल द्वारा जमानत मांगने का यह पहला मामला होगा। उन्होंने पहले अपनी गिरफ्तारी और रिमांड को रद्द करने की मांग की थी और यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

ED ने सीएम केजरीवाल को 21 मार्च को किया था गिरफ्तार

बता दें, सीएम केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 21 मार्च को इस आरोप में गिरफ्तार किया था कि वह कुछ शराब विक्रेताओं को लाभ पहुंचाने के लिए 2021-22 के लिए दिल्ली आबकारी नीति में जानबूझकर खामियां छोड़ने की साजिश का हिस्सा थे। इसके आलावा यह भी दावा किया गया है कि शराब विक्रेताओं से प्राप्त रिश्वत का इस्तेमाल गोवा में आम आदमी पार्टी (AAP) के चुनावी अभियान के लिए किया गया था। इसी मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आप नेताओं में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह शामिल हैं। सीएम केजरीवाल 10 मई तक जेल में रहे, जब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें चल रहे लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा करने की अनुमति दी। अंतरिम आदेश केजरीवाल द्वारा ईडी द्वारा उनकी गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती देने वाली याचिका पर पारित किया गया था। शीर्ष अदालत ने मुख्य याचिका पर अभी अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। बाद में केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चिकित्सा आधार पर अंतरिम जमानत को एक सप्ताह बढ़ाने की मांग वाली याचिका दायर की। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने मामले को सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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