पश्चिम बंगाल: BJP चीफ दिलीप घोष की TMC कार्यकर्ताओं को धमकी- सुधर जाओ नहीं तो हाथ-पैर-पसली-सिर तोड़े जाएंगे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 8, 2020, 10:09 PM IST

पश्चिम बंगाल में BJP प्रमुख दिलीप घोष ने टीएमसी कार्यकर्ताओं को धमकाते हुए कहा है कि 6 महीने में सुधर जाओ नहीं तो हाथ, पैर, पसली और सिर तोड़ दिए जाएंगे। अस्पताल और श्मशान पहुंचा दिया जाएगा।

पश्चिम बंगाल: BJP चीफ दिलीप घोष की TMC कार्यकर्ताओं को धमकी- सुधर जाओ नहीं तो हाथ-पैर-पसली-सिर तोड़े जाएंगे
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रमुख दिलीप घोष ने बेहद आपत्तिजनक और हिंसा भड़काने वाला बयान दिया है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं को खुलेआम धमकी दी है। इसमें उन्हें अस्पताल और श्मशान भेजने की बात की है। घोष ने टीएमसी कार्यकर्ताओं के हाथ, पैर तोड़ने की धमकी दी है।

घोष ने कहा है, 'मैं ममता दी के लोगों से कहता हूं, जो शरारत करते हैं, वो 6 महीने के अंदर खुद को सही कर लें, वरना उनके हाथ, पैर, पसली और सिर तोड़े जाएंगे- घर जाने से पहले आपको अस्पताल जाना होगा। अगर वे शरारतें बढ़ाते हैं, तो उन्हें श्मशान भेजा जाएगा।'

बंगाल में अगली साल विधानसभा चुनाव होने हैं। हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के दौरे से आए हैं। उन्होंने दावा किया है कि बीजेपी 200 से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाएगी।

पहले भी की है गलत बयानबाजी

घोष अपनी बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं। इस तरह का भड़काऊ बयान उन्होंने पहली बार नहीं दिया है। पहले भी वो ऐसे विवादित और हिंसक बयान दे चुके हैं। इस साल की शुरुआत में जब कई जगह नागरिक संशोधन कानून (CAA) का विरोध हो रहा था तो घोष ने कहा था, 'ममता बनर्जी की पुलिस ने सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों के साथ क्या किया। उनकी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की क्योंकि वो उनके वोटर्स थे। लेकिन जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार है जैसे यूपी, असाम और कर्नाटक में बलवाइयों को पुलिस ने कुत्तों की तरह मारा।' 

दिलीप घोष ने कहा था क सीएए का विरोध करने वाले यहां आएंगे हमारा खाना खाएंगे यहां पर ठहरेंगे और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाएंगे। क्या यह आपकी जमींदारी है। हम आपका लाठियों से जवाब देंगे, गोली मारेंगे और जेल के अंदर कर देंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी विषय पर विरोध करने का हक हर किसी को है। लेकिन सरकारों को यह देखना होगा कि जो लोग सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाते हैं उनके खिलाफ किस तरह की कार्रवाई होती है। 

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