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गणतंत्र दिवस पर राहुल गांधी ने ऐसा क्या किया, जो अमित शाह ने 4 दिनों बाद निशाने पर लिया? असम पहुंच कांग्रेस को घेरा

Amit Shah in Assam: केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी बताएं कि कांग्रेस पार्टी ने असम को बंदूकों, गोलियों, संघर्षों और युवाओं की मौतों के सिवा क्या दिया है। शाह ने कांग्रेस पर घुसपैठ को 'वोट बैंक की राजनीति के लिए हथियार' की तरह इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया।

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गणतंत्र दिवस पर राहुल गांधी ने ऐसा क्या किया, जो अमित शाह ने 4 दिनों बाद निशाने पर लिया?

Amit Shah Attacks Rahul Gandhi: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर शुक्रवार को आरोप लगाया कि उन्होंने गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित 'ऐट होम' कार्यक्रम में उन्हें भेंट किया गया 'गमोसा' पहनने से इनकार कर पूर्वोत्तर का अपमान किया है। शाह ने डिब्रूगढ़ के 'खानिकार परेड ग्राउंड' में एक जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि विदेश से आए अतिथियों समेत सभी गणमान्य लोगों ने सम्मान के प्रतीक के तौर पर 'गमोसा' पहना था लेकिन गांधी 'एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने इसे पहनने से इनकार कर दिया।'

शाह ने कहा, 'राहुल गांधी जो चाहें कर सकते हैं, लेकिन जब तक भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सत्ता में है, वह पूर्वोत्तर की संस्कृति का कोई अपमान नहीं होने देगी।' शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने असम के विकास के लिए कुछ नहीं किया।

कांग्रेस ने बंदूकों, गोलियों, संघर्षों के अलावा क्या दिया?

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, 'मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि उनकी पार्टी ने असम को बंदूकों, गोलियों, संघर्षों और युवाओं की मौतों के सिवा क्या दिया है।' शाह ने कांग्रेस पर घुसपैठ को 'वोट बैंक की राजनीति के लिए हथियार' की तरह इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'भाजपा के सत्ता में आने के बाद असम में कोई घुसपैठ नहीं हुई है। जो लोग अवैध रूप से भारत आए हैं, उनकी पहचान कर उन्हें वापस भेजा जाएगा।'

असम की चाय बिना शुल्क यूरोपीय देशों तक पहुंचेगी

शाह ने डिब्रूगढ़ में कहा कि यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौता से सुनिश्चित होगा कि असम चाय की खेप बिना किसी शुल्क यूरोपीय देशों तक पहुंचे। उन्होंने खानिकर परेड ग्राउंड में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में हुए व्यापार समझौते के जरिये असम की चाय की पेरिस और बर्लिन के साथ-साथ यूरोपीय संघ के अन्य देशों तक पहुंच सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा, 'यूरोपीय संघ-भारत व्यापार समझौता यूरोपीय देशों को असम की चाय के निर्यात को और बढ़ावा देगा।' बता दें कि असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए इस साल मार्च-अप्रैल में चुनाव होने हैं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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