Minesweeper Ships: भारत ने समुद्र में बारूदी सुरंगें ढूंढने और नष्ट करने वाले खास जहाजों (माइनस्वीपर) को फिर से बनाने का फैसला किया है। इस काम पर लगभग ₹44,000 करोड़ खर्च होंगे। कुल 12 माइनस्वीपर जहाज भारत में ही बनाए जाएंगे। ये जहाज दुश्मनों द्वारा समुद्र में छुपाकर रखी गई माइन्स (बारूदी सुरंगें) का पता लगाते हैं और उन्हें नष्ट करते हैं, ताकि बंदरगाहों और व्यापारिक जहाजों को कोई नुकसान न हो। फिलहाल भारत के पास ऐसा कोई जहाज नहीं है, क्योंकि पुराने माइनस्वीपर कई साल पहले रिटायर कर दिए गए थे।
रक्षा खरीद परिषद में रखा जाएगा प्रस्ताव
इस योजना को अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा खरीद परिषद के सामने मंजूरी के लिए रखा जाएगा। मंजूरी के बाद भारतीय शिपयार्ड्स से जहाज बनाने के लिए टेंडर मांगे जाएंगे। यह फैसला चीन और पाकिस्तान की बढ़ती समुद्री गतिविधियों के बीच भारत की नौसेना को मजबूत करने के लिए लिया गया है।
क्या काम करते हैं माइनस्वीपर जहाज
माइनस्वीपर जहाज नौसेना के जहाज होतें हैं जिन्हें समुद्री मार्गों से बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए डिजाइन किया जाता है, जो एक प्रकार का विस्फोटक उपकरण है। वे बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने में सक्षम होते हैं, जिससे युद्धपोतों और व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित होता है। ये माइनस्वीपर जहाज युद्ध के दौरान बारूदी सुरंगों को हटाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
