लोकतंत्र के सभी अंग नागरिकों के कल्याण के लिए हैं, अलग-अलग काम नहीं कर सकते: बोले CJI

मुख्य न्यायाधीश ने कहा, न्यायपालिका के पास न तो तलवार की ताकत है और न ही शब्दों की। जब तक कार्यपालिका इसमें शामिल नहीं होती, न्यायपालिका के लिए न्यायपालिका के साथ-साथ कानूनी शिक्षा को पर्याप्त बुनियादी ढांचा प्रदान करना मुश्किल है।

CJI Gavai: भारत के मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने बुधवार को कहा कि लोकतंत्र के सभी अंग - कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका नागरिकों के कल्याण के लिए हैं और कोई भी अलग-थलग होकर काम नहीं कर सकता। मुंबई स्थित महाराष्ट्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (MNLU) परिसर में परियोजना आरंभ समारोह में बोलते हुए CJI गवई ने कहा कि स्वतंत्रता, न्याय और समानता के सिद्धांत हमारे संविधान में निहित हैं।

BR Gavai

CJI बीआर गवई (File photo: PTI)

न्यायपालिका के पास न तो तलवार की ताकत है और न ही शब्दों की

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