Indian Air Force: ऐसी खबर है कि भारत ने इजराइल से लगभग $8.6 से $8.7 बिलियन के एक बड़े डिफेंस खरीद पैकेज को हरी झंडी दे दी है। ऐसे में अब इजराइल फ्रांस के बाद नई दिल्ली का दूसरा सबसे बड़ा हथियार सप्लायर बन गया है। इस बड़ी डील को सबसे पहले फोर्ब्स इंडिया का हवाला देते हुए रिपोर्ट्स में हाईलाइट किया गया है। बताया गया कि इस डील की ग्लोबल डिफेंस सर्कल्स में इसकी गूंज सुनाई दी है। साथ ही यह डील बदलती रीजनल सिक्योरिटी चुनौतियों के बीच दोनों देशों के बीच गहरे होते स्ट्रेटेजिक रिश्ते को दिखाता है।
इंडियन एयरफोर्स के लिए लाई जा रहीं बॉम्ब किट, बिलियन डॉलर की डील दुनिया भर में गूंजी
कौनसी बम किट्स मिलेंगी?
डील के सेंटर में कटिंग-एज प्रिसिजन-स्ट्राइक सिस्टम्स का एक सेट है, जिसे इंडियन एयर फोर्स और दूसरी ब्रांच को ज्यादा शार्प, लंबी पहुंच वाली बढ़त देने के लिए डिजाइन किया गया है। मुख्य पार्ट्स में राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स के लगभग 1,000 SPICE 1000 गाइडेड बम किट शामिल हैं। ये आम हथियार नहीं होंगे, दरअसल, SPICE फैमिली के अंतर्गत यह बम को स्मार्ट है, जो स्टैंड-ऑफ हथियारों के तहत रेडी रहते हैं, जो इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल गाइडेंस और एडवांस्ड एल्गोरिदम की वजह से GPS-डिनाईड एनवायरनमेंट में भी अक्सर मीटर के अंदर एकदम सटीक निशाना लगा सकते हैं। पायलट इन्हें ज्यादा सुरक्षित दूरी से छोड़ सकते हैं, जिससे दुश्मन के एयर डिफेंस से कम से कम नुकसान होगा और बड़े टारगेट पर मारक क्षमता ज्यादा से ज्यादा होगी।
हवा से जमीन पर मार करने वाली ताकतवर मिसाइलें भी मिलेंगी
SPICE किट के साथ एल्बिट सिस्टम्स की रैम्पेज जैसी हवा से जमीन पर मार करने वाली ताकतवर मिसाइलें भी हैं। यह एक सुपरसोनिक हथियार है जो मजबूत या टाइम-सेंसिटिव टारगेट पर तेज और ज्यादा असर वाले हमलों के लिए बनाया गया है। फिर एयर LORA है, जो इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज (IAI) की हवा से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। यह कुछ कॉन्फिगरेशन में ज्यादा रेंज और हाइपरसोनिक जैसी स्पीड देती है, जिससे इंटरसेप्शन बहुत मुश्किल हो जाता है।
आइस ब्रेकर सिस्टम को ना भूलें
डील के तहत मिसाइल लाइनअप में आइस ब्रेकर सिस्टम भी है, जो एक कई तरह से इस्तेमाल होने वाला क्रूज मिसाइल वेरिएंट है जो नेवल या जमीन पर हमला करने के लिए सही है और इसमें मल्टी-डोमेन फ्लेक्सिबिलिटी भी है।
इन खास सटीक हथियारों के अलावा, इस डील में और ड्रोन, एडवांस्ड रडार, सर्विलांस इक्विपमेंट और दूसरे नेटवर्क वाले गियर शामिल हैं ताकि सिचुएशनल अवेयरनेस और प्लेटफॉर्म पर इंटीग्रेशन को बढ़ाया जा सके। कुल मिलाकर, यह डील किसी एक चीज की नहीं है। यह एक बड़ा बढ़ावा है जिसका मकसद भारत की स्ट्राइक क्षमताओं को मॉडर्न बनाना है, वो भी ऐसे समय में जब स्टैंडऑफ रेंज, सर्वाइवेबिलिटी और प्रिसिजन सिर्फ वॉल्यूम से ज्यादा मायने रखते हैं।
