आज की ताजा खबर 15 अक्टूबर (Aaj Ke Mukhya Samachar) LIVE: अंकिता भंडारी के मां-बाप को हिरासत में लेकर छोड़ा गया...SIR पर राहुल की याचिका पर आज सुनवाई
आज की ताजा खबर (Aaj Ki Taaja Khabar 15 अक्टूबर), Latest Breaking Hindi News (ब्रेकिंग हिंदी न्यूज), [इंडिया गेट प्रोटेस्ट] [अंकिता भंडारी केस] [जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन] [पीएम मोदी] [राहुल गांधी] [कॉकरोच जनता पार्टी] [SIR विवाद] [ज्ञानेश कुमार] के मुख्य समाचार (Aaj Ke Mukhya Samachar) LIVE:अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर इंडिया गेट पर धरना प्रदर्शन पर बैठे उनके माता-पिता और विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने गुरुवार तड़के हिरासत में ले लिया। बाद में पुलिस ने सभी को रिहा कर दिया। उधर, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और इंटरनेट सेवाओं के निलंबन को लेकर दायर अवमानना याचिका के मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। आज होने वाली सुनवाई से पहले केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने अदालत के समक्ष बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के किसी भी निर्देश का जानबूझकर या सोच-समझकर उल्लंघन नहीं किया गया। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन इंडी गठबंधन के नेताओं की ओर से चुनाव आयोग के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज, 15 अक्टूबर को सुनवाई होने की संभावना है। यह याचिका मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देते हुए दायर की गई है। उधर, अमेरिका के इलिनोइस (Illinois) राज्य में एक हिंदू प्रार्थना स्थल को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की साजिश रचने वाले 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है। जानिए देश-दुनिया की हर खबरों पर अपडेट।
आज की ताजा खबर 15 अक्टूबर (Aaj Ke Mukhya Samachar) LIVE: अंकिता भंडारी के मां-बाप को हिरासत में लेकर छोड़ा गया...SIR पर राहुल की याचिका पर आज सुनवाई
सीजेपी मार्च पर पुलिस कमिश्नर का सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा
हम अपने विरोध पर अडिग रहेंगे, बोले अंकिता के मां-बाप
अंकिता के मां-बाप को हिरासत में लेकर छोड़ा
अंकिता भंडारी हत्याकांड पर इंडिया गेट पर धरना-प्रदर्शन
जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा
जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानबूझकर अवहेलना के आरोपों से इनकार किया है। गृह सचिव ने अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हलफनामा दाखिल किया। केंद्र का दावा है कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद यहां प्रदर्शन बुलाया गया था। हलफनामे में जुलाई के प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और दिल्ली पुलिस के अनुभवों का हवाला दिया गया है। केंद्र ने कहा कि सार्वजनिक व्यवस्था बिगड़ने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर लगाई गई थी रोक। दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर इंटरनेट निलंबित करने का फैसला लिया गया। केंद्र के मुताबिक, इंटरनेट सेवा पर रोक 4 किलोमीटर के दायरे तक सीमित थी। 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं। केंद्र का दावा है कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उठाया गया कदम आनुपातिक था। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से अवमानना मामले में जारी नोटिस वापस लेने की मांग की है। इंटरनेट बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के निर्देश का हवाला देते हुए केंद्र ने कहा कि निलंबन कानून और वैधानिक सुरक्षा उपायों के अनुरूप ही होना चाहिए और वैसा ही हुआ।
