Maharashtra SIR: महाराष्ट्र में आगामी चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं। इसी कड़ी में शिवसेना (यूबीटी) के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackeray) ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने चुनाव आयोग से जोरदार मांग की कि राज्य में चल रहे मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) के तहत नाम दर्ज करने और वेरिफिकेशन करने की समयसीमा को कम से कम 10 दिन और आगे बढ़ाया जाए।
भारी बारिश और रीडेवलपमेंट का हवाला
आदित्य ठाकरे ने इसके पीछे दो बड़े कारण बताए। पहला कारण है महाराष्ट्र और खासकर मुंबई में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश। ठाकरे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि खराब मौसम के चलते न तो आम लोग अपने घरों से बाहर निकल पा रहे हैं और न ही नगर निगम के कर्मचारियों, शिक्षकों या सरकारी स्टाफ के लिए घर-घर जाकर गणना करना मुमकिन हो पा रहा है।
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रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स और ट्रांजिट कैंपों का मुद्दा
दूसरा बड़ा मुद्दा उठाते हुए यूबीटी सेना के नेता ने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य बड़े शहरों में इस समय बड़े पैमाने पर पुनर्विकास (रीडेवलपमेंट) का काम चल रहा है। इस वजह से हजारों परिवार अपने मूल घरों को छोड़कर ट्रांजिट कैंपों या दूसरे इलाकों में किराए के मकानों में रह रहे हैं। ऐसे में उनका नाम वोटर लिस्ट से न छूटे, इसके लिए उन्होंने चुनाव आयोग के सामने 3 मुख्य मांगें रखी हैं:- बारिश की स्थिति को देखते हुए मौजूदा प्रक्रिया को 10 दिनों के लिए आगे बढ़ाया जाए।
- जो लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं, उनके लिए रीडेवलपमेंट साइटों और ट्रांजिट कैंपों पर ही विशेष गणना बूथ बनाए जाएं।
- बड़ी हाउसिंग सोसायटियों के अध्यक्ष और सचिव के साथ तालमेल बिठाकर केवल एक दिन में पूरी सोसाइटी के मतदाताओं का वेरिफिकेशन पूरा किया जाए।
ठाकरे ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी पिछले एक साल से वोटर लिस्ट में फर्जी और डुप्लीकेट नामों का मुद्दा उठाती आ रही है, जिस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। चुनाव आयोग के मौजूदा शेड्यूल के मुताबिक, यह गणना 24 जुलाई तक पूरी होनी है, जिसके बाद 5 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। इस पर 4 सितंबर तक आपत्तियां ली जाएंगी और अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। आदित्य ठाकरे की मांगों पर अब चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार है।
