Farmer Protest: पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर किसान आंदोलन के दौरान एक युवा किसान की फायरिंग में मौत ही खबर है। पुलिस फायरिंग में किसान की मौत के बाद अब किसान भड़के दिख रहे हैं। रणनीति बनाने के लिए दिल्ली मार्च को 2 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया है।
किसान आंदोलन के दौरान एक प्रदर्शनकारी किसान की मौत (फोटो- @garvitgarg15)
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एक किसान की मौत, कई घायल
हरियाणा पुलिस ने शंभू और खनौरी सीमा पर किसानों द्वारा अवरोधक तोड़ने के प्रयासों को विफल करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे, जिससे एक किसान की मौत हो गई और अन्य कुछ लोग घायल हो गए। पटियाला स्थित राजिंदर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एचएस रेखी ने संवाददाताओं से कहा कि तीन लोगों को खनौरी सीमा बिंदु से अस्पताल लाया गया था जिनमें से एक की मृत्यु हो चुकी थी। मृतक के सर पर चोट लगी थी जबकि अन्य दो लोगों की हालत स्थिर है। किसानों ने दावा किया कि हरियाणा पुलिस के कर्मियों ने आंसू गैस के गोले के अलावा रबड़ की गोलियां भी चलाई।
दिल्ली मार्च दो दिन के लिए स्थगित
पंजाब-हरियाणा सीमा पर दो प्रदर्शन स्थलों में से एक खनौरी सीमा पर झड़प में एक प्रदर्शनकारी की मौत और लगभग 12 पुलिसकर्मियों के घायल होने के बाद किसान नेताओं ने बुधवार को ‘दिल्ली चलो’ मार्च दो दिन के लिए स्थगित कर दिया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि वे शुक्रवार शाम को आगे की रणनीति तय करेंगे।
राहुल गांधी का सरकार पर हमला
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने खनौरी बॉर्डर पर गोलीबारी में एक किसान की मौत की घटना पर बुधवार को दुख जताया और दावा किया कि इतिहास एक दिन भाजपा से किसानों की हत्या का हिसाब जरूर मांगेगा। वहीं, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के 10 साल किसानों के लिए "पीठ पर लात और पेट पर लात" की तरह रहे हैं। राहुल गांधी ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा- "खनौरी बॉर्डर पर युवा किसान शुभकरण सिंह की फायरिंग में मौत की खबर हृदयविदारक है, मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। पिछली बार 700 से अधिक किसानों का बलिदान लेकर ही माना था मोदी का अहंकार, अब वो फिर से उनकी जान का दुश्मन बन गया है।"
पुलिस का दावा- किसानों ने किया हमला
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गांरटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर ‘दिल्ली कूच’ कर रहे किसानों ने बुधवार को हरियाणा के दातासिंह वाला-खनौरी बॉर्डर पर धान की पराली में मिर्चें डालकर आग लगा दी और तलवार, भालों व गंडासों से पुलिस बल पर हमला कर दिया जिसमें 12 पुलिस कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार ने बताया कि किसान आंदोलन के दौरान उपद्रवियों ने धान की पराली में मिर्ची डालकर आग लगा दी और पुलिस जवानों पर हमला किया। उन्होंने बताया कि पराली के साथ जलती मिर्चों के तीखे धुएं तथा तीखी गंध से सुरक्षाबलों को काफी परेशानी हुई।
