Harjit Kaur Deportation USA: हाल ही में अमेरिका में 132 भारतीयों को अवैध तरीके से अमेरिका आने के चलते डिपोर्ट किया था। इन 132 भारतीय लोगों में एक 73 साल की बुजुर्ग महिला हरजीत कौर भी शामिल थी। हरजीत कौर पिछले 32 सालों से अमेरिका में रह रही थी लेकिन उन्हें गिरफ्तार करके 10 दिन तक हिरासत में रखा गया है, जहां उनके साथ बेहद बुरा बर्ताव किया गया ना ही उन्हें खाने के लिए दिया गया ना ही उन्हें दवाइयां दी गई हथकड़ियां लगाकर भी उन्हें हिरासत में रखा गया।
हरजीत कौर 30 साल पहले 1992 में अपने पति की मौत के बाद अमेरिका गईं थीं। जब से वहां नौकरी कर रही थी और सरकार के सभी नियमों का पालन नहीं कर रही थी अमेरिकी सरकार से उन्होंने शरण की भी मांग की थी लेकिन 2012 में उनके आवेदन को खारिज कर दिया गया था। तब से लगातार हर 6 महीने में वो अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इन्फोर्समेंट (ICE) मे हाजिरी लगाने जाती थीं। लेकिन हाल में जब वह हाजिरी लगाने गई थी तब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और 23 सितंबर को गैरकानूनी ढंग से रहने के आरोप में डिपोर्ट कर दिया गया।
मुझे नहीं पता मुझे क्यों डिपोर्ट कर दिया गया
हरजीत कौर ने टाइम्स नाउ नव भारत से बातचीत करते हुए अपना दर्द बयान बयां किया, उन्होंने बताया कि मुझे नहीं मालूम मुझे क्यों अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया गया मैं अपने सभी दस्तावेज लेकर गई थी। सारे वर्क परमिट मेरे पास है बहुत सालों से वहां जॉब कर रही थी, मैं वहां टैक्स भी भर रही थी मुझे नहीं मालूम क्यों मुझे वापस भेजा गया। मुझे हथकड़ियां भी लगाई थी खाने के लिए वह चिकन और मीट देते थे मैं पूरी तरह शाकाहारी हूं मैने उन्होंने बताया कि मैं शाकाहारी हूं लेकिन उन्होंने कहा कि हमारे पास शाकाहारी खाना नहीं है उन्होंने कहा कि ब्रेड से मीट निकाल कर खा लो। ज्यादा बैठने से बहुत दिक्कत हुई है पैरों में सूजन है।
आगे की लड़ाई मेरे बच्चे मेरे लिए लड़ेंगे
हरजीत कौर ने कहा मैं अपने दर्द को लगातार बयान कर रही हूं। आगे की लड़ाई मेरे बच्चे मेरे लिए लड़ेंगे, मैं अब कुछ नहीं कर सकती मैं। अभी तक डॉक्टर के पास भी नहीं जा पाई हूं। मुझे काफी तकलीफ है। अचानक अपने परिवार से दूर कर दिया जाए तो लगता है की धरती फट गई है। मुझे अचानक गिरफ्तार कर लिया गया मुझे पता ही नहीं चला,ना ही पहले से ऐसी कोई संभावना थी। हर 6 महीने में मैं वहां अथॉरिटीज के पास जाती थी मेरे पास सारे कागज मौजूद थे, लेकिन उन्होंने मुझे गिरफ्तार कर लिया मेरे साथ कितना सपोर्ट है। यह तभी पता लगेगा जब मेरी कार्रवाई पूरी हो जाएगी।
