अमेरिका-इजराइल-ईरान संघर्ष के कारण संयुक्त अरब अमीरात में फंसे महाराष्ट्र के 164 पर्यटक सुरक्षित स्वदेश लौट आए। इनकी वापसी दो विशेष उड़ानों के जरिए संभव हुई, जिनकी व्यवस्था महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ ने कराई। मंगलवार रात मुंबई एयरपोर्ट पर दोनों विमान उतरे, जिससे परिजनों और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
UAE से सुरक्षित लौटे लोगों का स्वागत करते हुए शिवसेना कार्यकर्ता (फोटो- PTI)
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छात्रों समेत कई परिवार थे शामिल
वापस लौटने वालों में पुणे स्थित Indira School of Business Studies के 84 छात्र शामिल थे, जो शैक्षणिक यात्रा पर यूएई गए थे। इसके अलावा ठाणे, अहिल्यानगर और पुणे के कई परिवार भी इस समूह में थे। संघर्ष के कारण हवाई सेवाएं प्रभावित होने से ये सभी लोग दुबई और आसपास के इलाकों में फंस गए थे। शिवसेना पदाधिकारी के मुताबिक, एक विमान में 76 और दूसरे में 88 यात्री सवार थे। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से इनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई।
फुजैराह एयरपोर्ट से रवाना हुईं विशेष उड़ानें
शिंदे कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया था कि यूएई के फुजैराह एयरपोर्ट से दोपहर 3:30 बजे और 4:30 बजे दो फ्लाइट्स मुंबई के लिए रवाना हुईं। शिंदे, जो शिवसेना के प्रमुख भी हैं, ने सोशल मीडिया पर इस प्रयास को साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व को श्रेय दिया। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में दबाव झेल रहे नागरिकों को राहत पहुंचाना संतोषजनक है। यह अभियान दर्शाता है कि आपात स्थिति में सरकार और राजनीतिक नेतृत्व की तत्परता किस तरह नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।
हवाई सफर बुरी तरह से प्रभावित
बता दें कि खाड़ी क्षेत्र तक फैल चुके ईरान युद्ध ने हवाई सफर को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिससे हजारों यात्री अलग-अलग हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। आम लोग उड़ानों के दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं कुछ संपन्न यात्री भारी रकम चुकाकर उन सुरक्षित हवाई अड्डों के जरिये यूरोप के लिए उड़ानों के जरिये निकल रहे हैं, जहां ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा नहीं है। पिछले सप्ताहांत जंग छिड़ने के उपरांत दुबई, अबू धाबी और दोहा के प्रमुख हवाई अड्डे बंद कर दिए गए, जिसके बाद चार्टर विमानों की मांग अचानक आसमान छूने लगी। कुछ लोग सुरक्षित निकलने के लिए दो लाख यूरो (करीब 2.32 लाख अमेरिकी डॉलर) तक चुकाने को तैयार हैं।
