Parliament Special Session: विपक्षी दलों ने एक बार फिर से ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की मांग की। 16 विपक्षी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बकायदा पत्र लिखकर यह मांग की। तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने इसकी जानकारी दी। 16 विपक्षी पार्टियों ने प्रधानमंत्री को संयुक्त पत्र लिखा है। नेताओं ने ऑपरेशन सिंदूर पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। इंडिया ब्लॉक ने मंगलवार को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जिसमें पहलगाम, पुंछ ऑपरेशन सिन्दूर, सीजफायर तमाम मुद्दों पर विशेष सत्र में चर्चा कराने पर जोर दिया गया। बैठक में
INC
SP
AITC
DMK
Shiv Sena UBT
RJD
JK NC
CPIM
IUML
CPI
RSP
JMM
VCK
Kerala congress
MDMK
CPIML पार्टियां शामिल हुईं। सूत्रों का दावा है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी सामूहिक पत्र लिखने के समर्थन में थे। शुरुआत में ये केवल कांग्रेस सांसदों तक सीमित था, लेकिन राहुल गांधी चाहते थे कि ये पूरा INDIA गठबंधन की ओर से हो। राहुल गांधी ने अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी, टीआर बालू और आदित्य ठाकरे से संपर्क किया। इसके बाद केसी वेणुगोपाल और गौरव गोगोई ने अन्य दलों से के. सुरेश, माणिकम टैगोर और मोहम्मद जावेद ने संपर्क साधा। वही बैठक ख़त्म होने के बाद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा की, करुणानिधि के जयंती के कारण DMK इस बैठक में शामिल नही हो सकी।
वही सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा की,संसद का सत्र बुलाना इसलिए जरूरी है की सारी दुनिया को तो आप सबकुछ बता रहे हो लेकिन देश के लोगों से छिपा रहे हो? कितने देश हमारे समर्थन में हैं, क्या विदेश नीति हमारी रही, ये तमाम सवाल है हमारे सामने। वही शिवसेना (उद्धव गुट) संजय राउत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हमने पत्र लिखा है, ये सामान्य पत्र नहीं है। हम प्रमुख विपक्षी पार्टी है। हम देश की आवाज़ है, देश में जो हुआ है उसपर विदेश सत्र हो तो देश की प्रतिष्ठा बनी रहेगी। ट्रंप के कहने पर आप युद्ध विराम लगा सकते है तो हमारे कहने पर स्पेशल सेशन नही बुला सकते?
इंडी गठबंधन की बैठक में फैसला
विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन की राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को बैठक हुई। इस बैठक में विपक्षी दलों के सांसदों ने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए एक पत्र पर हस्ताक्षर किए जिसमें संसद के विशेष सत्र को बुलाए जाने की मांग की गई।
बैठक में कौन-कौन हुआ शामिल
इंडी गठबंधन की बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राजद, समाजवादी पार्टी और शिवसेना (यूबीटी) सहित अन्य दलों के नेता शामिल हुए। डीएमके भी हस्ताक्षरकर्ताओं में शामिल है, लेकिन पार्टी करुणानिधि की जयंती के चलते बैठक में शामिल नहीं हो सकी। विपक्षी नेताओं ने बताया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस, सीपीआई (एम), आईयूएमएल, सीपीआई, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP), विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK), केरल कांग्रेस, एमडीएमके, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन भी पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में शामिल हैं।दीपेंद्र हुड्डा ने क्या कुछ कहा?
बैठक के बाद कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने संवाददाताओं से कहा कि इंडिया गठबंधन के 16 राजनीतिक दलों ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है कि संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले तथा भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष के दौरान, सभी विपक्षी दल हमारे सशस्त्र बलों और भारत सरकार के समर्थन में खड़े थे। उन्होंने कहा, ‘‘जब अमेरिका ने संघर्षविराम की घोषणा की तो हमने मांग की कि संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाए ताकि सभी दल हमारे सशस्त्र बलों को धन्यवाद दे सकें तथा सरकार बिंदुवार अपनी बात रखे।’’हुड्डा ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और अमेरिका द्वारा संघर्ष विराम का ऐलान किए जाने तक पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था, ‘‘हमें आतंकवाद को कैसे खत्म किया जाए और अपनी आगे की रणनीति पर भी संसद में चर्चा करनी चाहिए। अब जब भारत सरकार दुनिया के सामने अपने विचार रख रही है तो मुझे लगता है कि सरकार को संसद में भी ऐसा ही करना चाहिए।’’
