World Organ Donation Day: मौत के बाद हर मिनट कीमती, जानिए कितनी देर तक सुरक्षित रह सकते हैं इंसान के अलग-अलग अंग

World Organ Donation Day: मौत के बाद भी किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है, लेकिन इसके लिए समय सबसे अहम है। आज हम आपको बताएंगे कि इंसान की मौत के बाद कौन सा अंग कितनी देर जिवित रहता है।

World Organ Donation Day: कल्पना कीजिए किसी परिवार के लिए जिंदगी का सबसे मुश्किल दिन है। घर का कोई अपना दुनिया छोड़ चुका है, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों की टीम एक अलग दौड़ में जुटी है। जिससे किसी तरह उसके स्वस्थ अंग किसी दूसरे इंसान की जिंदगी बचा सकें। ऑर्गन डोनेशन की दुनिया में यही वह समय है, जब हर मिनट बेहद कीमती हो जाता है। दिल, फेफड़े, लिवर और किडनी जैसे अंग शरीर से निकाले जाने के बाद हमेशा सुरक्षित नहीं रह सकते हैं। उन्हें सीमित समय के भीतर ट्रांसप्लांट करना जरूरी होता है। भारत में National Organ and Tissue Transplant Organisation (NOTTO) भी अलग-अलग अंगों के लिए सीमित ट्रांसप्लांट विंडो बताता है। आइए जानते हैं मौत के बाद कौन सा अंग कितनी देर तक जिवित रहता है?

World organ donation day

अंगदान के लिए जरूरी समय (Photo -AI)

मौत के बाद तुरंत अंग क्यों नहीं होते खराब?

यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। ऑर्गन डोनेशन के लिए हर मृत्यु के बाद अंग निकाल लेना संभव नहीं होता है। ब्रेन-स्टेम डेथ की स्थिति में वेंटिलेटर और अन्य मेडिकल सपोर्ट के जरिए शरीर के अंगों तक रक्त और ऑक्सीजन की सप्लाई कुछ समय तक बनाए रखी जा सकती है। इसी दौरान चिकित्सकीय जांच और परिवार की सहमति के बाद अंगों को निकाला जाता है। यानी अंगदान केवल ‘मौत के बाद अंग निकालने’ की प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि समय के साथ चलने वाली बेहद व्यवस्थित मेडिकल प्रक्रिया है।

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