Best Sleeping Position For Cervical Pain: अगर सुबह उठते ही गर्दन अकड़ी हुई महसूस होती है या दर्द बढ़ जाता है, तो इसका कारण सिर्फ सर्वाइकल नहीं, आपकी सोने की पोजीशन भी हो सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस या गर्दन दर्द से जूझ रहे लोगों को सोने की आदतों पर खास ध्यान देना चाहिए। गलत पोजीशन में सोना गर्दन की मांसपेशियों पर दबाव डालता है, जिससे दर्द और जकड़न बढ़ सकती है। आइए जानते हैं, कौन-सी मुद्रा में सोना फायदेमंद है और कौन-सी गलती दर्द को और बढ़ा सकती है।
सर्वाइकल के मरीज के लिए बेस्ट स्लीपिंग पोजीशन
पीठ के बल सोना सबसे बेहतर माना गया है
सर्वाइकल दर्द वालों के लिए सबसे आरामदायक मुद्रा है - पीठ के बल सीधा लेटना। इस पोजीशन में रीढ़ की हड्डी और गर्दन एक सीध में रहती हैं, जिससे नर्व्स पर दबाव नहीं पड़ता। अगर चाहें तो गर्दन के नीचे पतला और मुलायम तकिया रखें, जिससे सिर हल्का ऊँचा रहे लेकिन गर्दन मुड़े नहीं। इस तरह सोने से सुबह की जकड़न और दर्द दोनों में राहत मिलती है।
करवट लेकर सोना भी ठीक लेकिन....
अगर पीठ के बल सोना मुश्किल लगता है तो करवट लेकर सो सकते हैं, पर ध्यान रखें कि तकिया बहुत ऊंचा या बहुत नीचा न हो। सिर और गर्दन शरीर की सीध में रहें, तभी मसल्स पर दबाव नहीं पड़ेगा। कोशिश करें कि करवट बदलते वक्त गर्दन को झटका न लगे। बाईं करवट सोना बेहतर माना जाता है क्योंकि इससे ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है और गर्दन पर भार कम पड़ता है।
पेट के बल सोने से बचें
पेट के बल सोने की आदत सर्वाइकल मरीजों के लिए सबसे हानिकारक होती है। इस पोजीशन में गर्दन हमेशा एक साइड मुड़ी रहती है, जिससे मांसपेशियां खिंच जाती हैं और दर्द बढ़ जाता है। डॉक्टरों के अनुसार, इससे स्पाइनल एलाइनमेंट बिगड़ता है और डिस्क पर दबाव बढ़ जाता है। इसलिए अगर आप भी पेट के बल सोते हैं, तो यह आदत तुरंत छोड़ दें।
तकिया का चुनाव भी बहुत जरूरी है
सही सोने की मुद्रा के साथ तकिया का चुनाव भी सर्वाइकल दर्द में बड़ा रोल निभाता है। बहुत ऊंचा या सख्त तकिया दर्द को और बढ़ा सकता है। हमेशा ऐसा तकिया चुनें जो न तो बहुत मोटा हो न बहुत पतला, बल्कि गर्दन को सपोर्ट दे और सिर को ज्यादा ऊंचा न करे। आजकल बाजार में सर्वाइकल पिलो भी आते हैं जो गर्दन की शेप के मुताबिक बनाए जाते हैं।
सोने से पहले स्ट्रेचिंग और गर्म सेक से मिलेगा फायदा
सर्वाइकल दर्द को कम करने के लिए सोने से पहले हल्के स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज और गर्म पानी से सेक करना बहुत फायदेमंद होता है। इससे गर्दन की जकड़न कम होती है और ब्लड फ्लो बेहतर होता है। नींद भी अच्छी आती है और सुबह दर्द में आराम महसूस होता है। ध्यान रखें, गर्दन को झटका देने वाली किसी भी एक्टिविटी से बचें।
सर्वाइकल दर्द को सिर्फ दवाओं या मसाज से कंट्रोल नहीं किया जा सकता, बल्कि आपकी सोने की आदतें भी इसमें बड़ा फर्क डालती हैं। अगर सही पोजीशन और तकिया का ध्यान रखा जाए तो दर्द धीरे-धीरे कम हो सकता है। तो अगली बार जब सोने जाएं, तो इस बात का ध्यान रखें कि आपका शरीर और गर्दन एक सीध में रहें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
