कोलेस्ट्रॉल का नाम आते ही लोग काफी चिंता में पड़ जाते हैं, क्योंकि लोगों के बीच तेजी से बढ़ता कोलेस्ट्रॉल हार्ट अटैक जैसी जानलेवा कंडीशन का कारण बन रहा है। बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल न केवल हार्ट अटैक बल्कि ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का कारण भी बनता है। लेकिन आपको बता दें कि हमारे शरीर में दो तरह का कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है, गुड़ कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल। क्या आप जानते हैं कि गुड कोलेस्ट्रॉल सेहत के लिए अच्छा तो बैड कोलेस्ट्रॉल सेहत के लिए खतरनाक होता है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल में बनाए रखें। आज हम आपको कोलेस्ट्रॉल लेवल के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।
सेहत के लिए कितना जरूरी है कोलेस्ट्रॉल?
गुड कोलेस्ट्रॉल जिसे HDL (हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन) के नाम से भी जाना जाता है। हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। HDL रक्त में मौजूद खराब कोलेस्ट्रॉल को धमनियों से हटाकर लिवर तक पहुँचाता है, फिर लिवर इसे शरीर से बाहर निकाल देता है। इस प्रक्रिया से धमनियों में कोलेस्ट्रॉल का जमाव कम होता है, और हार्ट रोगों का खतरा कम होता है। एक हेल्दी वयस्क व्यक्ति में HDL का लेवल 40 से 60 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (mg/dL) के बीच होना चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल कब बन जाता है जानलेवा?
कोलेस्ट्रॉल हमारी धमनियों में जमा होने वाला एक अवांछित पदार्थ है। जो नसों को ब्लॉक करने का काम करता है। इसका लेवल एक लिमिट से ज्यादा होने पर आपके खून के बहाव में रुकावट आने लगती है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा हो जाता है। यदि आपके शरीर में 200 mg/dL से ऊपर बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल है तो आपको बिना देर किए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
