इंदौर के पानी में घुला 'जहर', जानिए क्या होती है E. coli, क्यों जानलेवा बन जाता है यह मल बैक्टीरिया

इंदौर के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार, इस सप्ताह की शुरुआत में लोगों ने अस्पतालों में दस्त, बुखार और उल्टी की शिकायतें कीं। अब तक 1400 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें 1700 से अधिक घरों में सर्वेक्षण कर रही हैं और 8500 से अधिक निवासियों की जांच कर रही हैं।

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में वर्ष के अंत में पानी की गुणवत्ता में अनियमितता देखने को मिली। पानी में दुर्गंध, रंग में परिवर्तन और कड़वाहट का अनुभव हुआ। इसके बाद, क्षेत्र में कई लोगों को बुखार, दस्त, और उल्टी जैसी बीमारियों के लक्षण दिखाई दिए। इस स्थिति ने अस्पतालों में भीड़ बढ़ा दी, और अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों अन्य मरीजों का इलाज चल रहा है।

E Coli

इंदौर के पानी में धुला जहर, जानिए क्या होता है E-coli

पानी में प्रदूषण का कारण

पुलिस और डॉक्टरों की जांच में पता चला है कि भागीरथपुरा में नर्मदा पाइपलाइन से सप्लाई किए गए पानी में अत्यधिक प्रदूषण पाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पानी के नमूनों में फीकल कोलिफॉर्म, E. coli और क्लेब्सीला बैक्टीरिया के उच्च स्तर पाए गए हैं। इन बैक्टीरिया के संपर्क में आने से उल्टी और दस्त जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

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