Heatwave Temperature Shock Explained: गर्मी के इन दिनों में शायद आपने भी ऐसा अक्सर महसूस किया होगा कि आप किसी ऑफिस, मॉल या घर के ठंडे AC वाले कमरे में बैठे हैं, फिर अचानक बाहर निकलते हैं और तेज धूप का सामना करते हैं। उसके बाद कुछ ही सेकंड में सिर भारी लगने लगता है, हल्का चक्कर आने लगते हैं या शरीर सुस्त-सा महसूस होने लगता है।
हीटवेट में टम्प्रेचर शॉक कैसे खतरनाक हो सकता है और इससे कैसे बचें
आमतौर पर लोग इसे मामूली बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यशोदा अस्पताल, हैदराबाद के. जनरल फिजिशियन और सीनियल कंसल्टेंट डॉक्टर सेशी किरण का कहना है कि ऐसा सिर्फ गर्मी लगने की वजह से नहीं होता। इसके पीछे शरीर की एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है, जो तब होती है जब वह अचानक बहुत बड़े तापमान बदलाव का सामना करता है। आइए जानते हैं हीटवेव के दौरान टेम्प्रेचर का शॉक कितना खतरनाक हो सकता है।
AC से बाहर निकलते ही शरीर के अंदर क्या होता है
डॉक्टर बताते हैं कि हमारा शरीर हर समय अपने तापमान को संतुलित रखने की कोशिश करता है। जब हम लंबे समय तक AC में रहते हैं, तो शरीर ठंडे माहौल के हिसाब से खुद को ढाल लेता है। लेकिन जैसे ही हम 44-45 डिग्री की गर्मी में बाहर निकलते हैं, शरीर को तुरंत नए माहौल के अनुसार काम शुरू करना पड़ता है।
बता दें कि यहीं से परेशानी शुरू होती है। ऐसे में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए पसीना निकालना शुरू करता है। दिल भी थोड़ा तेज काम करने लगता है ताकि शरीर में गर्मी का असर कम किया जा सके। इस अचानक बदलाव की वजह से कुछ लोगों को चक्कर, बेचैनी या कमजोरी महसूस हो सकती है।
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ठंडे तापमान से अचानकर बाहर निकलने पर क्या होता है
फिर सिर क्यों चकराने लगता है
अमृता अस्पताल, फरीदाबाद के इंटरनल मेडिसिन एक्सपर्ट और सीनियरल कंसल्टेंट डॉ. धर्मेन्द्र कुमार की मानें तो जब शरीर अचानक ठंडे माहौल से बहुत गर्म माहौल में पहुंचता है, तो उसे खुद को एडजस्ट करने में थोड़ा समय लगता है। इसी दौरान कुछ लोगों को सिर घूमने, कमजोरी या असहजता जैसी परेशानी महसूस हो सकती है।
अगर शरीर में पहले से पानी की कमी हो, तो यह समस्या और बढ़ सकती है। दरअसल, गर्मी में शरीर लगातार पसीने के जरिए पानी बाहर निकालता रहता है। ऐसे में अगर आपने पर्याप्त पानी नहीं पिया है, तो बाहर निकलते ही शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
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ठंडे तापमान से अचानकर बाहर निकलने पर क्या होता है
हीटवेव में समस्या ज्यादा क्यों बढ़ जाती है
एक्सपर्ट्स की मानें तो सामान्य गर्मी और हीटवेव में काफी फर्क होता है। हीटवेव के दौरान तापमान इतना ज्यादा होता है कि शरीर को खुद को सामान्य रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
डॉ. वंदना गर्ग के मुताबिक, तेज गर्मी में शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स तेजी से निकलते हैं। इसका असर थकान, सिरदर्द, चक्कर और कमजोरी के रूप में दिख सकता है। यही वजह है कि हीटवेव के दौरान AC से बाहर निकलने पर परेशानी ज्यादा महसूस हो सकती है।
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है
डॉक्टर मानते हैं कि हर व्यक्ति पर गर्मी का असर एक जैसा नहीं होता। कुछ लोगों में जोखिम ज्यादा हो सकता है। ऐसे में इन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए:
- बुजुर्ग
- छोटे बच्चे
- दिल के मरीज
- हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग
- डायबिटीज के मरीज
- गर्भवती महिलाएं
- माइग्रेन की समस्या से जूझ रहे लोग
इन लोगों का शरीर तापमान में अचानक बदलाव को संभालने में थोड़ा ज्यादा समय ले सकता है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है
कब समझें कि मामला गंभीर हो रहा है
अगर सिर्फ कुछ मिनट के लिए हल्का चक्कर आता है और फिर ठीक हो जाता है, तो आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती। लेकिन कुछ लक्षण ऐसे हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जैसे:
- बार-बार चक्कर आना
- बहुत ज्यादा कमजोरी लगना
- उल्टी होना
- सांस लेने में परेशानी
- बेहोशी जैसा महसूस होना
- तेज धड़कन
ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
हीटवेव में टेम्प्रेचर शॉक से खुद को कैसे बचाएं
अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतें अपनाकर इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है। डॉक्टर ऐसे में कुछ जरूरी सावधानी बरतने की सलाह देते हैं जैसे:
- घर से निकलने से पहले पानी जरूर पिएं।
- AC का तापमान बहुत कम न रखें।
- AC से निकलकर सीधे धूप में न जाएं।
- बाहर निकलने से पहले 2-3 मिनट सामान्य तापमान वाले हिस्से में रुकें।
- सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढकें।
- दिनभर थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें।
डॉक्टर क्या सलाह देते हैं
डॉक्टर्स का कहना है कि AC से बाहर निकलते ही सिर चकराना या कमजोरी महसूस होना हमेशा सामान्य बात नहीं होती। कई बार यह शरीर का संकेत होता है कि वह अचानक हुए तापमान बदलाव से जूझ रहा है। खासकर हीटवेव के दौरान इस संकेत को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
थोड़ी सावधानी, पर्याप्त पानी और गर्मी से बचाव के छोटे-छोटे उपाय आपको इस परेशानी से बचा सकते हैं। आखिर गर्मी के मौसम में शरीर की बात सुनना भी उतना ही जरूरी है, जितना खुद को ठंडा रखना।
