आपकी हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी है कि आपके शरीर में विटामिन-डी की भरपूर मात्रा बनी रहनी चाहिए। इसकी कमी हो जाने पर शरीर में कई तरह समस्याएं देखने को मिलती हैं। विटामिन-डी की पूर्ति के लिए हमें धूप में बैठना चाहिए ऐसा आपने लोगों को कहते जरूर सुना होगा। लेकिन कुछ लोग आर्टिफिशियल तरीके से विटामिन-डी की डोज को पूरा करने की कोशिश करते हैं। यदि आप विटामिन-डी की कमी से जूझ रहे हैं और इसकी कमी को एक ही खुराक में पूरा करने की सोच रहे हैं, तो आपको बता दें कि ऐसा करना आपकी सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। इस बात को लेकर हाल ही में एक चेतावनी मीडिया रिपोर्ट्स में देखने को मिली है। जिसमें साफ कहा गया है कि एक बार में ज्यादा विटामिन-डी लेने से आपकी सेहत पर नकारात्मक असर देखने को मिलता है। आइए जानते हैं क्यों खतरनाक है विटामिन-डी की हैवी डोज?
क्या होता है हाइपरविटामिनोसिस डी?
यह एक ऐसी स्थिति है जब हम अपनी जरूरत से ज्यादा विटामिन-डी का अवशोषण करने लगते हैं। एक सामान्य वयस्क के लिए विटामिन-डी का सामान्य स्तर बनाए रखने के लिए हर महीने 60,000 IU की डोज पर्याप्त है। इससे ज्यादा विटामिन-डी की डोज लेने पर आप हाइपरविटामिनोसिस डी के शिकार हो सकते हैं। आइए जानते हैं इसके कारण कौन-सी हेल्थ प्रॉब्लम होने लगती हैं।
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विटामिन-डी ज्यादा लेने के साइड इफेक्ट
- विटामिन डी की डोज ज्यादा मात्रा में लेने से आपके रक्त में कैल्शियम का स्तर बढ़ सकता है, जिसे हाइपरकैल्सीमिया कहते हैं।
- ज्यादा विटामिन-डी के कारण आपको गुर्दे की पथरी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
- विटामिन-डी की ज्यादा मात्रा यानी हाइपरकैल्सीमिया की वजह से आपको मानसिक विकार जैसे- भ्रम, अवसाद, मनोविकृति, और उत्तर देने में कठिनाई जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- विटामिन डी शरीर में बढ़ जाने से आपको मतली, उल्टी, कमजोरी, और बार-बार पेशाब आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- विटामिन डी की ज्यादा मात्रा होने आपको किडनी फेल्योर की समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
