Monsoon Damp Walls: बारिश का मौसम आते ही घर की कई दीवारों पर सीलन, पानी के निशान और काले-हरे धब्बे दिखने लगते हैं। ज्यादातर लोग इसे सिर्फ घर की खूबसूरती खराब करने वाली समस्या मानते हैं, लेकिन सच यह है कि सीलन आपकी सेहत, खासकर फेफड़ों के लिए भी नुकसानदायक हो सकती है।
सीलन वाली दीवारें फेफड़ों के लिए खतरा
अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के सीनियर कंसल्टेंट पल्मोनरी मेडिसिन डॉ. प्रदीप बजाद बताते हैं कि सीलन वाली जगहों पर फफूंद और फंगस तेजी से बढ़ने लगते हैं। ये हवा में बहुत छोटे-छोटे कण छोड़ते हैं, जो सांस के साथ हमारे शरीर के अंदर चले जाते हैं और कई तरह की परेशानियां पैदा कर सकते हैं।
सीलन से क्यों बढ़ता है खतरा - Damp walls health risk
जब घर में नमी ज्यादा रहती है और हवा का सही आना-जाना नहीं होता, तो फफूंद को बढ़ने का मौका मिल जाता है। बारिश के दिनों में लोग अक्सर खिड़कियां बंद रखते हैं, जिससे घर के अंदर की हवा और ज्यादा नम हो जाती है। ऐसे माहौल में फफूंद के कण हवा में फैलते रहते हैं और धीरे-धीरे सांस की तकलीफ बढ़ा सकते हैं।
इन लोगों को रहना चाहिए ज्यादा सावधान
डॉ. प्रदीप बजाद के मुताबिक बच्चों, बुजुर्गों, पहले से सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों और कमजोर शरीर वाले लोगों पर इसका असर ज्यादा पड़ता है। ऐसे लोगों को बार-बार खांसी, सांस फूलना या सीने में परेशानी महसूस हो सकती है।
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कौन से लक्षण देते हैं खतरे का संकेत
अगर बारिश के मौसम में लगातार खांसी बनी रहती है, बार-बार छींक आती है, नाक बंद रहती है, सांस लेने में दिक्कत होती है या आंखों और गले में जलन महसूस होती है, तो इसे सिर्फ मौसम का असर समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
डॉ. प्रदीप बजाद कहते हैं कि कई बार लोग दवाइयां लेते रहते हैं, लेकिन असली वजह उनके घर की सीलन होती है। अगर घर से बाहर निकलने पर परेशानी कम हो जाए और वापस आने पर फिर शुरू हो जाए, तो इसकी जांच करानी चाहिए।
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इस समस्या से कैसे करें बचाव
सीलन दिखते ही उसका कारण ढूंढकर ठीक करवाना जरूरी है। कहीं से पानी रिस रहा हो तो उसे तुरंत ठीक कराएं। घर में हवा और धूप आने दें और दीवारों पर उगी फफूंद को समय रहते साफ करें। केवल पेंट करवाने से समस्या खत्म नहीं होती, क्योंकि नमी अंदर बनी रह सकती है।
डॉक्टर की क्या है सलाह
डॉ. प्रदीप बजाद का कहना है कि मॉनसून में घर को सूखा और हवादार रखना फेफड़ों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। याद रखें, दीवारों की सीलन सिर्फ घर की नहीं, आपकी सांसों की भी दुश्मन बन सकती है।
