देश में कितना बढ़ा है मंकीपॉक्स का खतरा, सरकार ने जारी की जरूरी गाइडलाइन, इन लक्षणों से करें पहचान

दुनिया भर में दहशत मचाने वाले वायरस मंकीपॉक्स का पहला मामला दिल्ली में सामने आया है, जिसने सरकार की चिंता को बढ़ा दिया है। इस केस के सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को कुछ गाइडलाइन जारी की हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...

दुनियाभर में मंकीपॉक्स के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। दुनिया भर में अपनी दहशत फैलाने वाले मंकीपॉक्स ने अब भारत में भी दस्तक दे दी है। इसका पहला मामला देश की राजधानी दिल्ली में सामने आया है। अफ्रीका से निकल दुनिया भर में फैला ये वायरस वैश्विक महामारी का कारण बन सकता है। इस वायरस के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों सरकारों को कुछ जरूरी गाइडलाइन जारी की हैं। जिससे इस वायरस के फैलाव को रोका जा सके। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से..

Monkeypox in india

केंद्र सरकार ने जारी की गाइडलाइन

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने बीते सोमवार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखे पत्र सरकारों से आग्रह किया है कि मंकीपॉक्स वायरस के लिए लोगों के बीच फैले अनावश्यक डर को फैलने से रोका जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा, कि इस वायरस की स्थिति पर केंद्र सरकार का स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इसके साथ ही उन्होंने राज्यों से कहा है कि वह अपने स्वास्थ्य केंद्रो पर सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों का जायजा लें। जिससे किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से आसानी से निपटा जा सके।

युवाओं में मिल रहे मामले

आपको बता दें कि मंकीपॉक्स के ज्यादातर मामले युवा पुरुषों में देखने को मिल रहे हैं। अभी तक मिले मामलों में रोगियों की आयु 18-44 साल के बीच है। वहीं दुनिया भर में सबसे ज्यादा संक्रमण का जो कारण सामने आया है। उसमें यौन संक्रमण सबसे ऊपर है। इसके साथ ही सबसे ज्यादा मामले अभी तक अफ्रीकी देश कांगो से सामने आए हैं।

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