Heatwave me body cool rakhne wale masale: गर्मी का मौसम अब पहले जैसा नहीं रहा। कई शहरों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और हीटवेव लोगों की सेहत पर सीधा असर डाल रही है। तेज धूप और गर्म हवाओं की वजह से शरीर जल्दी थकने लगता है। कई लोगों को चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, पेट में जलन, डिहाइड्रेशन और बेचैनी जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। ऐसे मौसम में सिर्फ ठंडा पानी पी लेना काफी नहीं होता है, बल्कि शरीर को अंदर से ठंडा रखना भी जरूरी होता है।
गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के लिए कौन से मसाले खाएं
आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर, आयुर्वेदिक चिकित्सक और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि हमारी रसोई में मौजूद कुछ मसाले गर्मियों में दवा की तरह काम कर सकते हैं। इनकी तासीर ठंडी (body cooling spices) होती है, जो शरीर की गर्मी को संतुलित रखने में मदद करती है। साथ ही ये पाचन को बेहतर बनाने और पेट से जुड़ी परेशानियों को कम करने में भी फायदेमंद माने जाते हैं। हालांकि, इनका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करना नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए इन्हें सही मात्रा और सही तरीके से लेना बहुत जरूरी है।
सौंफ गर्मियों में शरीर को देती है राहत
गर्मी में अक्सर पेट भारी लगना, गैस बनना या शरीर में गर्मी महसूस होना आम बात है। ऐसे में सौंफ काफी राहत दे सकती है। डॉ. चंचल शर्मा के मुताबिक, सौंफ की तासीर ठंडी होती है, इसलिए यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करती है।
सौंफ पाचन को बेहतर बनाने के साथ पेट की जलन और ब्लोटिंग को भी कम कर सकती है। गर्मियों में लोग इसे अलग-अलग तरीके से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। रातभर पानी में भिगोई हुई सौंफ का पानी सुबह पीना काफी फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा खाना खाने के बाद सौंफ और मिश्री खाना भी शरीर को ठंडक देने का आसान तरीका है।
जीरा पेट की गर्मी कम करने में मदद करता है
जीरा सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि गर्मियों में शरीर को आराम देने के लिए भी जाना जाता है। आयुर्वेद में इसे पाचन के लिए अच्छा माना गया है। डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं कि जीरा शरीर की अंदरूनी गर्मी को कम करने और पेट को शांत रखने में मदद कर सकता है।
गर्मियों में भुना हुआ जीरा छाछ, रायता या जलजीरा में डालकर पीना काफी फायदेमंद हो सकता है। इससे शरीर को ठंडक मिलती है और पेट भी हल्का महसूस होता है। कई लोग जीरे का इस्तेमाल दाल और सब्जी में भी करते हैं, जो सेहत के लिए अच्छा माना जाता है।
धनिया शरीर को अंदर से ठंडा रखने में फायदेमंद
धनिया भी गर्मियों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसकी तासीर ठंडी होती है और इसमें ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर की गर्मी को शांत करने में मदद कर सकते हैं। डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, धनिया पाचन को बेहतर बनाने और पेट फूलने जैसी परेशानियों को कम करने में मददगार हो सकता है।
गर्मी के मौसम में धनिया के बीजों को रातभर पानी में भिगोकर सुबह उसका पानी पीना लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा हरे धनिये की चटनी, दाल या सब्जी में इसका इस्तेमाल भी शरीर को राहत पहुंचा सकता है।
इलायची गर्मी में दिलाती है फ्रेशनेस
हरी इलायची का इस्तेमाल ज्यादातर लोग स्वाद और खुशबू के लिए करते हैं, लेकिन गर्मियों में यह शरीर को फ्रेश रखने में भी मदद कर सकती है। डॉ. चंचल शर्मा बताती हैं कि इलायची एसिडिटी कम करने और पाचन को बेहतर बनाने में फायदेमंद मानी जाती है।
अगर गर्मी की वजह से मुंह का स्वाद खराब हो रहा हो या बार-बार उल्टी जैसा महसूस हो रहा हो, तो इलायची राहत दे सकती है। इसे दूध, छाछ या चाय में मिलाकर लिया जा सकता है। कई लोग इसके दानों को सीधे चबाना भी पसंद करते हैं।
पुदीना हीटवेव में करता है नेचुरल कूलिंग
गर्मियों में पुदीना लगभग हर घर में इस्तेमाल होता है। इसकी ठंडी तासीर और मेंथॉल शरीर को ताजगी देने का काम करते हैं। डॉ. चंचल शर्मा के मुताबिक, पुदीना पेट की गर्मी, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।
पुदीने की चटनी, पुदीना पानी या छाछ में इसका पाउडर मिलाकर सेवन करना गर्मियों में काफी फायदेमंद माना जाता है। इससे शरीर तरोताजा महसूस करता है और गर्मी का असर कुछ हद तक कम हो सकता है।
लेकिन एक गलती से हो सकता है नुकसान
गर्मी में ठंडी तासीर वाली चीजें फायदा जरूर देती हैं, लेकिन कई लोग इन्हें जरूरत से ज्यादा लेना शुरू कर देते हैं। यही गलती नुकसान पहुंचा सकती है। डॉ. चंचल शर्मा के अनुसार, किसी भी मसाले का ज्यादा सेवन पेट खराब कर सकता है या एलर्जी जैसी दिक्कतें बढ़ा सकता है।
अगर किसी को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो बिना सलाह के ज्यादा मात्रा में इन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। गर्मियों में सबसे जरूरी है संतुलन। सही मात्रा में ये मसाले शरीर को ठंडक और राहत दे सकते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा सेवन फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है।
