मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये योगासन, मिर्गी से मिलेगा आराम

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  • Updated Sep 11, 2025, 04:45 PM IST

अनुलोम-विलोम प्राणायाम मिर्गी के मरीजों के लिए बेहद खास है, क्योंकि यह मस्तिष्क की नसों पर सकारात्मक असर डालता है और मानसिक तनाव को घटाता है, जो मिर्गी के ट्रिगर को कम करने में मददगार हो सकता है। इसे रोजाना 10 से 15 मिनट तक करने से दिमाग में स्थिरता आती है और दौरे की संभावनाएं कम हो सकती हैं।

मिर्गी एक गंभीर बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क की गतिविधियां असामान्य हो जाती हैं और व्यक्ति को बार-बार दौरे पड़ते हैं। यह बीमारी अचानक किसी भी समय व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकती है, जिससे शरीर में झटके आना, बेहोशी, या होश में रहते हुए भी अजीब हरकतें करना जैसी स्थितियां बन जाती हैं।

मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये योगासन (Image: istock)

मिर्गी का इलाज आमतौर पर दवाइयों से किया जाता है, लेकिन कई मामलों में मरीज को नियमित दवाइयों के बावजूद दौरे पड़ते रहते हैं। ऐसे में योग एक प्रभावी और प्राकृतिक विकल्प है। आयुष मंत्रालय के मुताबिक, योग न सिर्फ दिमाग को शांत करता है, बल्कि मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को संतुलित रखने में भी मदद करता है।

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