'Health is Wealth' ये वाक्य आपने अक्सर सुना होगा। जिसके बारे में हमारे बड़े बुजुर्ग हमें सालों से बताते आ रहे हैं। जैसे की बचपन में हमारे माता-पिता हमारी सेहत का ख्याल रखते हैं। वैसे ही बढ़ती उम्र में हमें अपने माता-पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखने की जरूरत होती है। जिसका कारण है कि 50 साल आयु होने के बाद पेरेंट्स के सामने कई तरह की हेल्थ रिलेटेड समस्याएं आने लगती हैं। यदि इस 'फादर्स डे' के मौके पर अपने पापा को कोई बेहतरीन गिफ्ट देने का सोच रहे हैं। तो उन्हें इन 5 योगाभ्यासों की प्रैक्टिस करा दें। जिन बेहतरीन योगाभ्यों को खुद प्रधानमंत्री मोदी भी रोजाना प्रैक्टिस करते हैं। इससे आपके पापा की सेहत हमेशा खुशनुमा बनी रहेगी।
70 साल की उम्र में भी फिट हैं मोदी
प्रधानमंत्री मोदी की फिटनेस का हर कोई लोहा मानता है। अपने जीवन के 7 दशक पूरे कर चुके मोदी अब भी किसी नौजवान से ज्यादा फिट और तंदुरुस्त दिखाई देते हैं। अपनी इस फिटनेस के पीछे मोदी इन योगाभ्यासों को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं।
1. वृक्षासन (Tree pose)
शरीर के संतुलन को दुरुस्त बनाने के लिए वृक्षासन एक बेहतरीन योगाभ्यास है। इसलिए बढ़ते आयु के लोगों को इसका अभ्यास रोजाना करना चाहिए।
Vrikshasana Photo
इसके लिए आप अपने पैरों पर 2 इंच का गैप रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं। अब अपने एक पैर को उठाकर दूसरे पैर की जांघ पर रखें। फिर अपने हाथों को उठाते हुए सिर के ऊपर ले जाकर प्रार्थना मुद्रा में आएं।
2. ताड़ासन (Tadasana)
अपने पैरों में 2 इंच का अंतर रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद अपने हाथों को एक दूसरे में फंसाते हुए शरीर के ऊपर की ओर ले जाएं।
अब अपने शरीर को खींचते हुए पंजों पर खड़े हो जाएं।
इस स्थिति में लगभग 20 सेकंड तक रुकने का प्रयास करें। ताड़ासन हमारे शरीर के पोस्चर को ठीक रखने का काम करता है। इसके अलावा यह हमारी मांसपेशियों को भी मजबूत बनाता है।
3. उष्ट्रासन (Camel Pose)
उष्ट्रासन का अभ्यास करने में हमारा पूरा शरीर शामिल होता है, जिससे हमारा रक्त परिसंचरण तंत्र भी दुरुस्त रहता है। शरीर की फ्लेसिविलिटी को बढ़ाने में यह काफी कारगर अभ्यास है।
Ustrasana Photo
इसका अभ्यास करने के लिए आप अपने हाथों को पीछे की ओर झुकते हुए जमीन पर टिका दें। इस अवस्था में आप कुछ सेकंड तक रुके। यह आपको पिता के स्वास्थ्य को लंबे समय तक दुरुस्त बनाए रखेगा।
4. वज्रासन (Vajrasana)
बढ़ती आयु में पाचन संबंधी समस्याओं से निजात पाने के लिए आप रोजाना वज्रासन का भी अभ्यास कर सकते हैं। यह योगाभ्यास आपके पाचन तंत्र को दुरुस्त करने से साथ-साथ आपके पैरों को भी मजबूत करता है।
vajraasana Photo
इसके लिए आप अपने पैरों को मोड़ते हुए नितंब इनके ऊपर टिकाते हुए बैठ जाएं। इस स्थिति में आपको 2-5 मिनट तक बैठने का अभ्यास करना चाहिए।
5. शशकासन (Rabbit Pose)
यह आसन आपके शरीर को लचीला और मजबूत बनाने का काम करता है। इसका नियमिक अभ्यास करने से आपकी रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। इस आसन का अभ्यास करने के लिए आपको सबसे पहले वज्रासन में बैठना है। अब इसके बाद अपने घुटनों को आगे से फैलाते हुए कमर से आगे की ओर झुकें। पूर्ण स्थिति के लिए अपनी चिन को जमीन से सटाने का प्रयास करें। इस स्थिति में 1-2 मिनट तक रुकने का अभ्यास करें।
