Ayurveda Uric Acid Remedies In Hindi: आजकल लोगों की दिनचर्या में भागदौड़ तो बहुत है, लेकिन खुद की सेहत पर ध्यान देना कम हो गया है। खासकर जब बात यूरिक एसिड की हो, तो लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन जब घुटनों में दर्द शुरू होता है, सीढ़ियां चढ़ना मुश्किल हो जाता है या हर वक्त जोड़ों में किटकिट महसूस होती है, तब समझ आता है कि यह छोटी सी चीज कितनी बड़ी समस्या बन सकती है। यूरिक एसिड का बढ़ना हमारे खानपान और लाइफस्टाइल से जुड़ा है, लेकिन अच्छी बात ये है कि आयुर्वेद में इसके लिए कई असरदार उपाय मौजूद हैं। आइए जानते हैं वो आसान और घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे जो यूरिक एसिड को जड़ से खत्म कर सकते हैं।
Ayurveda Uric Acid Remedies In Hindi
यूरिक एसिड कम करने के लिए आयुर्वेदिक उपाय - Ayurveda Way To Reduce Uric Acid In Hindi
गिलोय
गिलोय को आयुर्वेद में ‘अमृता’ भी कहा जाता है, और वाकई में ये किसी अमृत से कम नहीं है। गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और खून को शुद्ध करता है। इसका नियमित सेवन यूरिक एसिड को नियंत्रित करता है और घुटनों की सूजन व दर्द में राहत देता है। आप सुबह खाली पेट गिलोय का रस या उसका काढ़ा पी सकते हैं।
त्रिफला
त्रिफला एक ऐसा मिश्रण है जो तीन फलों-आंवला, हरीतकी और बिभीतकी से बनता है। ये शरीर को अंदर से साफ करता है, जिससे यूरिक एसिड जैसी अशुद्धियाँ बाहर निकल जाती हैं। अगर आप रोज सुबह या रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला पाउडर गुनगुने पानी के साथ लें, तो आपके शरीर को बहुत राहत मिलेगी।
मेथी दाना
मेथी सिर्फ रसोई में मसाले के तौर पर नहीं, बल्कि औषधि के रूप में भी कमाल की है। रातभर भिगोए हुए मेथी दानों को सुबह चबा-चबाकर खाने से जोड़ों का दर्द कम होता है और यूरिक एसिड भी घटता है। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करते हैं।
हल्दी वाला दूध
हल्दी को आयुर्वेद में 'प्राकृतिक एंटीबायोटिक' माना गया है। रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर पीने से शरीर की सूजन कम होती है और यूरिक एसिड का असर भी धीरे-धीरे घटता है। यह एक बेहद आसान लेकिन बेहद असरदार नुस्खा है।
गुग्गुल
गुग्गुल एक पुरानी और भरोसेमंद आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो खासतौर पर जोड़ों की सूजन, दर्द और यूरिक एसिड से जुड़ी समस्याओं में मदद करती है। यह नर्वस सिस्टम को मजबूत करती है और जोड़ों के चारों ओर जमा हुए यूरिक एसिड को बाहर निकालती है। आप इसे आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से कैप्सूल या चूर्ण के रूप में ले सकते हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
