Ayurvedic Tips For Good Sleep In Hindi: क्या आप भी रात को घंटों तक करवटें बदलते रहते हैं? मोबाइल की स्क्रीन देखते-देखते कब सुबह हो जाती है, पता ही नहीं चलता? आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और डिजिटल आदतों ने हमारी नींद को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। लेकिन आयुर्वेद के पास इसका असरदार समाधान है। आयुर्वेद नींद (निद्रा) को जीवन के तीन महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक मानता है।
Ayurvedic Tips For Good Sleep In Hindi
इंस्टाग्राम हेल्थ इन्फ्लुएंसर और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. वरलक्ष्मी यानमंद्रा (BAMS) बताती हैं कि अच्छी नींद मानसिक और शारीरिक सुख का मूल है। उन्होंने कुछ सरल और प्राकृतिक उपाय बताए हैं जिन्हें अपनाकर नींद न आने की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है। चलिए जानते हैं इनके बारे में....
अच्छी और गहरी नींद के लिए आयुर्वेदिक उपाय - Ayurvedic Tips For Good Sleep In Hindi
पैर के तलवों की मालिश
डॉ. वरलक्ष्मी के अनुसार, देसी गाय के घी से रात को सोने से पहले पैरों के तलवों पर हल्की मालिश करने से मस्तिष्क को गहरा सुकून मिलता है। इससे नर्वस सिस्टम शांत होता है और नींद जल्दी आने लगती है। यह नुस्खा खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो तनाव या ओवरथिंकिंग के कारण नहीं सो पाते।
मन को करें स्थिर
त्राटक एक सरल ध्यान विधि है जिसमें बिना पलक झपकाए दीपक या कैंडल की लौ को कुछ देर तक देखा जाता है। डॉक्टर वरलक्ष्मी बताती हैं कि इसे सोने से ठीक पहले करने से मन शांत होता है, बेवजह के विचार रुकते हैं और नींद जल्दी आती है। यह पीनियल ग्रंथि को एक्टिव करता है, जिससे मेलाटोनिन का स्त्राव होता है जो नींद के लिए ज़रूरी है।
30 मिनट पहले नस्य क्रिया
नस्य यानी नाक में औषधीय तेल डालना। डॉ. वरलक्ष्मी सलाह देती हैं कि सोने से 30 मिनट पहले नाक में 2-2 बूंदें ‘अनु तैल’ डालें। इससे सिर, मस्तिष्क और साइनस की सफाई होती है, चिंता कम होती है और मन को गहरी शांति मिलती है। इसका प्रभाव तुरंत नींद पर दिखता है।
आयुर्वेदिक स्लीप ड्रिंक
भैंस का दूध स्वाभाविक रूप से ठंडा और भारी होता है, जो गहरी नींद के लिए सहायक है। डॉक्टर बताती हैं कि इसमें चुटकी भर जायफल और कुछ केसर डालकर पीने से नींद के हार्मोन एक्टिव होते हैं और शरीर पूरी तरह रिलैक्स हो जाता है। इसे रात को सोने से 20–30 मिनट पहले लें।
सुबह और शाम को करें ये काम
नींद का चक्र सूरज की रोशनी से जुड़ा होता है। सुबह उठने के एक घंटे के भीतर प्राकृतिक सूर्य प्रकाश लेने से सर्कैडियन रिदम संतुलित होता है। साथ ही, डॉ. वरलक्ष्मी सुबह या रात को ब्रह्मरी प्राणायाम और ओम जप करने की सलाह देती हैं, जो मस्तिष्क को शांत करके नींद के लिए सही माहौल बनाते हैं।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
डॉ. वरलक्ष्मी एक अध्ययन का जिक्र करती हैं जिसमें डॉ. निकोल टैंग (वारविक यूनिवर्सिटी) ने 30,500 लोगों की नींद पर रिसर्च की। इस अध्ययन से पता चला कि अच्छी नींद मानसिक स्वास्थ्य पर वैसा ही असर डालती है जैसे किसी को 2 लाख पाउंड की लॉटरी मिल जाए। नींद की गुणवत्ता, उसकी मात्रा और नींद के लिए दवा पर निर्भरता कम होना ये सभी चीजें मानसिक शांति और खुशी से जुड़ी हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
