Autistic Pride Day: ऑटिज्म पर फैली इन 10 गलतफहमियों को लोग आज भी मानते हैं सच, जानकर आप भी हो जाएंगे हैरान

Autistic Pride Day: आज के समय में भी ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं कि ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक न्यूरोडेवलपमेंटल स्थिति है। वे इससे जुड़ी कई गलत धारणाओं को सही मानते हैं। जानिए ऐसे ऑटिज्म से जुड़े ऐसे 10 मिथक, जिन्हें लोग सच मानते हैं।

Autistic Pride Day: हर साल 18 जून को ऑटिस्टिक प्राइड डे (Autistic Pride Day) मनाया जाता है। इस दिन का मकसद ऑटिज्म को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना और उससे जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करना है। आज भी समाज में ऑटिज्म को लेकर कई ऐसी बातें कही और मानी जाती हैं, जिनका सच से कोई लेना-देना नहीं होता। इन गलतफहमियों की वजह से ऑटिज्म से जुड़े बच्चों और उनके परिवारों को कई बार बेवजह की बातें सुननी पड़ती हैं। अमृता अस्पताल फरीदाबाद के सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमित कुमार अग्रवाल का कहना है कि ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि दिमाग के विकास से जुड़ी एक स्थिति है। आइए डॉक्टर से ही जानते हैं ऑटिज्म से जुड़े 10 बड़े मिथक और उनके पीछे की सच्चाई (autism myths and facts)।

Autistic Pride Day

ऑटिज्म से जुड़ी 10 गलत धारणाएं और उनकी सच्चाई

मिथक 1: ऑटिज्म एक बीमारी है

आपको जानकर हैरानी हो सकती है मगर सच्चाई यह है कि ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं है। यह व्यक्ति के सोचने, सीखने और दूसरों से जुड़ने के तरीके को प्रभावित करने वाली एक स्थिति है।

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