Causes of Sleeplessness: अच्छे स्वास्थ्य के लिए रात को पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी होता है। हेल्थ एक्पर्ट्स कहते हैं क स्वस्थ रहने के लिए 7-8 घंटे की नींद बहुत जरूरी होती है। ऐसे में यदि नींद पूरी न हो, तो थकान, चिड़चिड़ापन और वजन बढ़ने जैसी कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में नींद का पूरा होना बहुत जरूरी होता है। हालांकि, नींद न आने की समस्या और सोते समय बेचैनी होने के कई कारण हो सकते हैं। कई बार बेचैनी की ये समस्या कई गंभीर बीमारियों का लक्षण भी हो सकती है। तो चलिए आज हम जानते हैं कि आखिर सोते समय बेचैनी क्यों होती है-
रात को सोते समय बेचैनी होने के कारण
रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम
रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम एक ऐसी समस्या है, जिसमें पैर कांपते रहते हैं। दरअसल, पैरों में दर्द, झुनझुनी, जलन और पैरों की नसों की ऐंठन रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम के लक्षण हैं। इस समस्या में बार-बार नींद टूटती रहती है। ये समस्या महिलाओं में ज्यादा होती है, जो 45 की उम्र के बाद ज्यादा देखने को मिलती है।
गलत खानपान
आधे से ज्यादा बीमारियों की जड़ खराब खानपान ही होती है। यदि डाइट अच्छी न हो और खाना समय पर न खाया जाए, तो इससे नींद न आने के साथ-साथ कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यदि रात को कैफीन या अल्कोहल का सेवन किया जाए, तो इससे भी बेचैनी की समस्या हो सकती है।
स्लीप एपनिया
रात में नींद न आने की वजह स्पील एपनिया भी हो सकता है। इस समस्या में अक्सर रात को सांस न ले पाने की समस्या होती है। ऐसे में सांस न ले पाने की वजह से बार-बार नींद टूटती रहती है। इस समस्या को हेल्दी डाइट और नियमित एक्सरसाइज के जरिए दूर किया जा सकता है।
हार्मोनल डिसबैलेंस
कई बार रात में अच्छी नींद न आने का कारण हार्मोनल डिसबैलेंस भी होता है। महिलाओं में मेनॉपॉज और गर्भावस्था के दौरान कई हार्मोन्स में बदलाव आता है, जिससे रात को ज्यादा पसीना आना, बेचैनी होना और सीने में जलन की समस्या हो सकती है, जिससे बार-बार नींद टूट सकती है।
अन्य कारण
नींद न आने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे-तनाव, एंग्जायटी और ब्लड प्रेशर का घटना बढ़ना। इन कारणों की वजह से रातभर बेचैनी महसूस हो सकती है।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

