Bladder Transplant News In Hindi : मूत्राशय में संक्रमण, तंत्रिका तंत्र संबंधी समस्याएं, किडनी स्टोन और कुछ मेडिकल ट्रीटमेंट के कारण होने वाले नुकसान से आज ब्लैडर रोग काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। जब हमारा मूत्राशय पूरी तरह से कार्यहीन हो जाता है, जिससे रोगी को दैनिक दिनचर्या में भी परेशानी होने लगती है। तो ब्लैडर ट्रांसप्लांट (मूत्राशय प्रत्यारोपण) की आवश्यकता तब उत्पन्न हो जाती है। हालांकि ब्लैडर ट्रांसप्लांट (मूत्राशय प्रत्यारोपण) के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। लेकिन हाल ही में अमेरिका से सामने आई एक खबर ने सबको चौंका दिया है। यहां दुनिया में पहली बार सफर ब्लैडर ट्रांसप्लांट (मूत्राशय प्रत्यारोपण) किया गया है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से...
कहां हुआ पहला ब्लैडर ट्रांसप्लांट?
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथर्न कैलिफ़ोर्निया के केक मेडिसिन और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया लॉस एंजिल्स हेल्थ डिपार्टमेंट के सर्जन डॉक्टर्स की टीम ने रोनाल्ड रीगन यूसीएलए मेडिकल सेंटर में इस सर्जरी को पूरा किया। इसमें यूएससी यूरोलॉजी के संस्थापक और कार्यकारी निदेशक डॉ. इंदरबीर गिल और यूरोलॉजिक ट्रांसप्लांट सर्जन तथा यूरोलॉजिस्ट सर्जन डॉ. नीमा नासिरी ने संयुक्त रूप शामिल रहे। आइए जानते हैं ब्लैडर ट्रांसप्लांट की क्यों पड़ती है जरूरत?
क्यों किया जाता है ब्लैडर ट्रांसप्लांट?
- मूत्राशय में कैंसर होने पर मूत्राशय को पूरी तरह से हटाना पड़ता है, जिसे सिस्टेक्टोमी कहा जाता है। इस स्थिति में मूत्राशय प्रत्यारोपण की आवश्यकता पड़ती है।
- स्पाइनल कॉर्ड इंजरी, मल्टीपल स्क्लेरोसिस जैसे न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के कारण मूत्राशय की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। ऐसी कंडीशन में भी ब्लैडर ट्रांसप्लांट की नौबत आ जाती है।
- यदि गंभीर चोट या दुर्घटना के कारण मूत्राशय को नुकसान पहुँच गया है, तो इससे आपके ब्लैडर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिसमें ब्लैडर ट्रांसप्लांट की नौबत आ सकती है।
- कई तरह के जेनेटिक डिसऑर्डर के कारण भी मूत्राशय का सही विकास नहीं हो पाता है। जो जीवन भर मूत्राशय की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है। ऐसे में भी आपको ब्लैडर ट्रांसप्लांट की नौबत आ सकती है।
4 साल में मिली सफलता
सर्जरी में शामिल डॉक्टर्स का कहना है कि ब्लैडर ट्रांसप्लांट का यह प्रयास पिछले चार साल से ज्यादा समय से चल रहा है। हालांकि इसके लिए उचित रूप से चयनित रोगी का सफलतापूर्वक इलाज करना काफी रोमांचक है। डॉ. गिल का कहना है कि "इसमें कोई संदेह नहीं है इन लोगों के लिए एक संभावित द्वार खुल गया है जो पहले मौजूद नहीं था।"
