आंख क्यों फड़कती है, Aankh Kyu Fadakti Hai: हम सभी ने कभी न कभी आंखों के पलक फड़कने का अनुभव किया है। आंख फड़कने को आमतौर पर कुछ अच्छा या बुरा होने के साथ जोड़कर देखा जाता है। हालांकि आंख फड़कने के पीछे ये वजह नहीं होती है, बता दें कि वैसे तो यह एक सामान्य और अक्सर छोटी मानी जाने वाली समस्या है। लेकिन कभी-कभी लगातार आंख फड़कने की दिक्कत काफी परेशान करने वाली भी हो सकती है। मेडिकल की भाषा में आंख फड़कने को 'मायोकिमिया' कहा जाता है, जो आंख की पलकों में मौजूद छोटी मांसपेशियों के सिकुड़न के कारण होता है। यहां पढ़ें आखिर आंख फड़कने के पीछे का असल कारण क्या है और इससे क्या होता व कैसे इसे ठीक कर सकते हैं।
आखिर क्यों फड़कती है आँख?
आंख फड़कने के पीछे का सबसे बड़ा कारण है तनाव और चिंता। जब मन पर बोझ बढ़ता है, तो शरीर विभिन्न तरीकों से इसका संकेत देता है, आंख का फड़कना उनमें से एक है।
नींद पूरी न होना भी आंख फड़कने के पीछे की एक प्रमुख वजह है। आंखों की मांसपेशियों को आराम चाहिए, जो पर्याप्त नींद से ही मिल पाता है। और वहीं जब आराम नहीं मिलता तो आपकी आंख लगातार फड़कने लगती है।
आंखों पर जोर पड़ना, जैसे लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन देखना, ड्राइविंग करना या पढ़ाई करना, भी पलकों को थका देता है, जिससे फड़कन शुरू हो सकती है।
शरीर में पोषक तत्वों की कमी, खासतौर रूप से मैग्नीशियम की कमी, मांसपेशियों में ऐंठन का कारण बन सकती है।
इसके अलावा, कैफीन या शराब का अधिक सेवन, आंखों में सूखापन या एलर्जी के साथ साथ थकान जैसे कारक भी इस समस्या को ट्रिगर कर सकते हैं।
कैसे पाएं इससे छुटकारा?
- अगर आपको आंख फड़कने की दिक्कत से छुटकारा पाना है, तो सबसे पहले आपको तनाव प्रबंधन पर ध्यान देना होगा। योग, ध्यान, गहरी सांस लेने के व्यायाम या अपनी मनपसंद चीजों को समय देकर तनाव कम किया जा सकता है।
- साथ ही साथ आपको अपने नींद के पैटर्न को सुधारना भी बहुत ही ज्यादा जरूरी है। हर किसी को ही रोजाना करीब करीब 7-8 घंटे की अच्छी नींद लेना ही लेना चाहिए।
- डिजिटल स्क्रीन के उपयोग में ब्रेक लेना भी काफी आवश्यक है। आपको '20-20-20' का नियम अपनाना चाहिए। जिसके अनुसार हर 20 मिनट पर 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज को देखना होगा।
- पोषण का ध्यान रखें। हरी पत्तेदार सब्जियां, केला, बादाम, दही जैसे मैग्नीशियम युक्त आहार लें और शरीर को हाइड्रेटेड रखें।
- कैफीन और शराब का सेवन सीमित करें।
- आंखों को आराम देने के लिए गर्म या ठंडे कपड़े से सेक लगाएं। सूखापन महसूस हो तो डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप्स का उपयोग करें।
डॉक्टर से कब मिलें?
अगर आंख की फड़कन हफ्तों तक बनी रहे, पूरी आंख बंद होने लगे, चेहरे की अन्य मांसपेशियों में भी खिंचाव हो, या आंख में लालिमा, सूजन या डिस्चार्ज दिखे, तो तुरंत आंख के डॉक्टर से परामर्श लें। याद रखें, जीवनशैली में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव ही ऐसी छोटी समस्याओं से बचाव की पहली सीढ़ी हैं।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
