अमेरिका ने पाकिस्तान स्थित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और उसके सहयोगी संगठन मजीद ब्रिगेड को विदेशी आतंकवादी संगठन (Specially Designated Global Terrorist - SDGT) घोषित कर दिया है। अमेरिका के इस कदम के पीछे पाकिस्तान की कुटिल चाल है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब ट्रंप पाकिस्तान के साथ नजदीकियां बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर हाल ही में दूसरी बार अमेरिका के दौरे पर पहुंचे और इन फैसलों के पीछे उसका हाथ माना जा रहा है।
असीम मुनीर के अमेरिकी दौरे के दौरान ही अमेरिका ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया है।अमेरिका के इस कदम के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, यह कदम आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हमने 2019 में कई आतंकवादी हमलों के बाद बीएलए को एक विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था।
जनरल मुनीर को यह अमेरिका का बड़ा तोहफा!
माना जा रहा है कि जनरल मुनीर को यह अमेरिका का बड़ा तोहफा है। वहीं सालों से आजादी की लड़ाई लड़ रहे बलूचों के लिए अमेरिका का यह कदम खासा अप्रत्याशित होने के साथ ही बहुत बड़ा झटका भी है। मुनीर ने अपने अमेरिकी दौरे पर भारत ही नहीं आधी दुनिया को परमाणु धमकी दे डाली, हालांकि भारत ने इस धमकी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी वहीं पाकिस्तान आरोप लगाता रहता है कि बीएलए को भारत से मदद मिलती है। जिसका भारत पुरजोर तरीके से खंडन करता है।
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत
बलूचिस्तान की बात करें तो बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है। लेकिन सबसे कम आबादी वाला जो अपने विशाल क्षेत्रफल, प्राकृतिक संसाधनों और रणनीतिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह प्रांत पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है।यहां के लोगों को प्रमुख भाषा में बलूच या बलूची के नाम से जानी जाती है।
बलूचिस्तान में सोने और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों का विशाल भंडार...
बलूचिस्तान, पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, और यह अपने विशाल खनिज संसाधनों के लिए जाना जाता है। यहां पाकिस्तान की कुल खनिज संपदा का 80 फीसदी से अधिक हिस्सा पाया जाता है, बलूचिस्तान में सोने और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों व अन्य खनिजों का विशाल भंडार मौजूद है। बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों के मामले में बेहद समृद्ध माना जाता है। यहां के संसाधनों को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा जा सकता है-
1-खनिज
2-ऊर्जा संसाधन
3-अन्य प्राकृतिक संसाधन
बलूचिस्तान का रेको डिक क्षेत्र चगाई जिले में स्थित है और यहां तांबा-सोने का एक विशाल भंडार है। यहां 5.9 बिलियन टन अयस्क होने का अनुमान है, जिसमें 41.5 मिलियन औंस सोना और 35 मिलियन टन तांबा शामिल है।
बलूचिस्तान में धात्विक (Metallic) तांबा (Copper), सोना (Gold), लोहा (Iron), क्रोमाइट (Chromite), सीसा (Lead), जस्ता (Zinc), निकल (Nickel), कोबाल्ट (Cobalt), मोलिब्डेनम (Molybdenum) जैसे पदार्थ बहुतायत में हैं। वहीं बलूचिस्तान में रेयर मेटल्स / REEs जैसे- नियोडिमियम, डिसप्रोशियम, यिट्रियम (संभावित), यूरेनियम, थोरियम आदि भी हैं।
बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधन बहुत विविध और बेशकीमती हैं, लेकिन उनका दोहन बड़े पैमाने पर अभी सीमित है। अगर इन्हें सही तकनीक के साथ विकसित किया जाए, तो यह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, ऐसा कहा जाता है।
बलूचिस्तान अपने विशाल खनिज संसाधनों के लिए जाना जाता है
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) है क्या?
BLA बलूचों की आजादी के लिए एक सशस्त्र अलगाववादी समूह है जो बलूचों की आजादी के लिए लगातार मांग करता है। पाकिस्तान बीएलए को एक आतंकवादी संगठन मानता है। अब अमेरिका ने भी इसे आधिकारिक रूप से आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। इसका गठन 2000 के शुरुआती दशक में माना जाता है पर इसकी जड़ें 1970 के दशक के बलूच विद्रोह तक जाती हैं। इसका उद्देश्य है कि बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करके स्वतंत्र 'बलूचिस्तान' राष्ट्र बनाना। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना की नाक में दम कर रखा है और लगातार हमले करती रहती है।
BLA के निशाने पर रहते हैं यह सब
BLA के निशाने पर पाकिस्तान के सुरक्षा बल (पुलिस, सेना, फ्रंटियर कॉर्प्स) और सरकारी इमारतें और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) परियोजनाएं, खासकर ग्वादर पोर्ट आदि रहते हैं। उनके काम के तरीके में बम विस्फोट, गोलीबारी, अपहरण, तोड़फोड़ शामिल है।
अमेरिकी ने BLA पर एक्शन लेने के बताए यह कारण
अमेरिकी ने बीएलए को आतंकवादी संगठन घोषित करते हुए कहा कि बीएलए ने 2024 में कराची हवाई अड्डे और ग्वादर बंदरगाह परिसर के पास आत्मघाती हमलों की जिम्मेदारी ली थी। मार्च 2025 में क्वेटा से पेशावर जाने वाली जाफर एक्सप्रेस ट्रेन के अपहरण की जिम्मेदारी बीएलए ने ली थी, जिसमें कई नागरिक और सुरक्षाकर्मी मारे गए थे और 300 से ज्यादा यात्री बंधक बनाए गए थे।
अमेरिका के इस कदम के पीछे पाकिस्तान की कुटिल चाल!
बेशकीमती खनिज संसाधनों के दोहन का अमेरिका को दिया लालच!
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने अमेरिका के दौरे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को बलूचिस्तान में बहुतायत में पाए जाने वाले तमाम रेअर अर्थ, सोने और भी बेशकीमती खनिज संसाधनों के दोहन का लालच दिया है। अमेरिकी ने इसी के चलते BLA को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। अभी चीन भी पाक की मदद से बलूचिस्तान में अपना दखल बनाए हुए है उसके हित इससे भी उपर हैं यानी वो पाकिस्तान की मदद के नाम पर हर तरीके से फायदा उठा रहा है।
असीम मुनीर का क्या है प्लॉन!
पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर का कार्यकाल कुछ ही महीनों बाद खत्म होने वाला है मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कहा जा रहा है कि मुनीर मुल्क में सत्ता पलट करना चाहते हैं और मौजूदा राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को हटाकर मुनीर अगले राष्ट्रपति बन सकते हैं। इस काम में अमेरिका भी परोक्ष रूप से उसकी मदद कर रहा है ऐसा कहा जाता है।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर का कुटिल प्लॉन
क्या है BLA के असंतोष की वजह?
बताते हैं कि राजनीतिक उपेक्षा, आर्थिक शोषण, सैन्य दमन व संसाधनों पर बाहरी नियंत्रण, संसाधनों (तांबा, सोना, गैस आदि) के दोहन में स्थानीय लोगों की उपेक्षा। राजनीतिक स्वायत्तता की कमी व बलूच सांस्कृतिक और जातीय पहचान को लेकर असंतोष... यह सब अहम मुद्दे हैं जिन्हें लेकर बलोच अपना असंतोष जताते हैं। BLA का दावा है कि पाकिस्तान सरकार ने बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण किया है और वहां के लोगों को राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से हाशिये पर रखा है।
