क्या है G7, किस मकसद से हुआ था इसका गठन, इस साल क्यों है सबसे अलग?

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 20, 2023, 05:40 PM IST

इस साल G7 देशों के साथ-साथ भारत भी अतिथि देश के रूप में शिखर सम्मेलन का हिस्सा है। भारत के अलावा, यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की भी व्यक्तिगत रूप से शिखर सम्मेलन में शामिल हुए हैं।

What is G7: दुनिया के सबसे शक्तिशाली अंतर-सरकारी राजनीतिक मंचों में से एक G7 या सात देशों का समूह जापान के हिरोशिमा में दुनिया के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा कर रहा है। रूस-यूक्रेन में चल रहे तनाव के बीच दुनिया के सात सबसे अमीर देशों के नेता हिरोशिमा में इकट्ठा हुए हैं। जी-7 में यूरोपीय संघ के अलावा फ्रांस, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, जापान, इटली और कनाडा शामिल हैं। यह शिखर सम्मेलन स्वतंत्रता, लोकतंत्र और मानवाधिकारों के मूलभूत मूल्यों को साझा करता है। वार्षिक शिखर सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने आने वाली महत्वपूर्ण चुनौतियों पर विचारों का आदान-प्रदान भी होता है।

G7 Summit 2023

इस साल G7 के शिखर सम्मेलन में क्या अलग

क्या है G7 का इतिहास

1970 के दशक में विकसित देश 1971 के निक्सन शॉक (Nixon shock- अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के आर्थिक सुधारों के बाद आई मंदी) और पहले तेल संकट (1973) जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहे थे। तब इन देशों ने व्यापक अर्थव्यवस्था, मुद्रा, व्यापार और ऊर्जा के नीतिगत समन्वय पर व्यापक चर्चा करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय मंच बनाने की जरूरत महसूस की। इसी सिलसिले में पहला G7 शिखर सम्मेलन नवंबर 1975 में तत्कालीन फ्रांसीसी राष्ट्रपति गिस्कार्ड डी'एस्टेटिंग के प्रस्ताव की पृष्ठभूमि में आयोजित किया गया। शिखर सम्मेलन पेरिस के बाहरी इलाके में स्थित शैटो डे रामबोइलेट में आयोजित किया गया था। पहले शिखर सम्मेलन में केवल छह देशों- फ्रांस, अमेरिका, यूके, जर्मनी, जापान और इटली ने भागीदारी की थी।

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