Who is Satabdi Roy: शताब्दी रॉय (Satabdi Roy Biography) एक जानी-मानी बंगाली अभिनेत्री, फिल्म निर्देशक और राजनीतिज्ञ हैं। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति—दोनों ही क्षेत्रों में अपनी खास पहचान बनाई है। उनका जन्म 5 अक्टूबर 1969 को पश्चिम बंगाल के अगरपारा में हुआ था। उनके पिता का नाम शैलेंद्र रॉय और माता का नाम नीलिमा रॉय था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई सोरोजिनी हाई स्कूल से की और बाद में कोलकाता के जोगमाया देवी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया।
शताब्दी ने 100 से ज्यादा फिल्मों में किया शानदार काम (Photo: AI Generated)
फिल्म 'अतंका' से करियर की शुरुआत
बचपन से ही शताब्दी रॉय को अभिनय में गहरी रुचि थी। उन्होंने साल 1986 में फिल्म 'अतंका' से अपने करियर की शुरुआत की। इस फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहा गया और यहीं से उनके सफल फिल्मी सफर की शुरुआत हुई। 1980 और 1990 के दशक में वह बंगाली सिनेमा की बड़ी स्टार बन गईं। उन्होंने 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और अपने सहज अभिनय, सादगी और मेहनत के लिए दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। उन्हें बंगाल फिल्म जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (बीएफजेए) अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
2009 में बीरभूम लोकसभा सीट से लड़ा चुनाव
फिल्मों में सफलता पाने के बाद उन्होंने निर्देशन में भी हाथ आजमाया। इसके अलावा वह कविता लिखने और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहती हैं। उन्होंने एक फाउंडेशन शुरू किया, जहां युवाओं को अभिनय की ट्रेनिंग दी जाती है। इससे कई नए कलाकारों को आगे बढ़ने का मौका मिला है।
राजनीति में उनका प्रवेश भी काफी सफल रहा। उन्होंने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की तृणमूल कांग्रेस पार्टी जॉइन की और साल 2009 में बीरभूम लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। पहली ही बार में उन्होंने जीत हासिल की।
मृगांक बनर्जी से की शादी
इसके बाद 2014, 2019 और 2024 में भी वह लगातार इस सीट से चुनाव जीतती रहीं। इस तरह वह चार बार की सांसद बन चुकी हैं। संसद में वह महिलाओं के अधिकार, शिक्षा और अपने क्षेत्र के विकास जैसे मुद्दों को लेकर सक्रिय रहती हैं। 2025 में उन्हें लोकसभा में अपनी पार्टी का डिप्टी लीडर भी बनाया गया, जो उनके राजनीतिक करियर की बड़ी उपलब्धि है। अगर उनके निजी जीवन की बात करें, तो उनका विवाह मृगांक बनर्जी से हुआ है। उनके एक बेटा और एक बेटी है।
व्यस्त जीवन के बावजूद परिवार को समय देना पसंद
वह अपने परिवार के साथ कोलकाता में रहती हैं और अपने व्यस्त जीवन के बावजूद परिवार को पूरा समय देने की कोशिश करती हैं। कुल मिलाकर अगर कहें तो शताब्दी रॉय का जीवन कई लोगों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने यह साबित किया है कि मेहनत, लगन और ईमानदारी से किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है। अभिनय से राजनीति तक का उनका सफर आज भी लोगों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
