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पूर्वी भारत के विकास का रोडमैप: क्या है पूर्वोदय प्लान और कौन से राज्य हैं इसमें शामिल; बजट 2026 में हुई चर्चा

What is Purvodaya: भारत के विकास का सूरज पूरब से उगाने की कोशिश और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केंद्र सरकार ने पू्र्वोदय योजना की शुरुआत की थी। बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'पूर्वोदय' योजना के माध्यम से बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों के लिए विकास का एक ऐसा रोडमैप पेश किया है, जो आने वाले दशकों में इस क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर बदल सकता है।

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Photo : PTI
बजट 2026 में भी पूर्वोदय राज्यों का आया जिक्र (तस्वीर साभार: PTI)

Purvodaya States Budget 2026: भारत का पूर्वी इलाका ऐतिहासिक रूप से संस्कृति, खनिज संसाधन, कृषि और श्रमशक्ति के लिहाज से बेहद समृद्ध रहा है। इसके बावजूद बुनियादी ढांचे की कमी, सीमित इंडस्ट्रीज और रोजगार के अवसरों की कमी के कारण यह क्षेत्र लंबे समय तक विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। देश भर में इसी असंतुलन को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने पूर्वोदय योजना की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य पूर्वी भारत को देश के विकास का अगला ग्रोथ इंजन बनाना है।

पूर्वोदय योजना का इतिहास

पूर्वोदय का शाब्दिक अर्थ है पूर्व का उदय। यह योजना पांच प्रमुख राज्यों बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश पर केंद्रित है, जहां बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देने का लक्ष्य रखा गया है। पूर्वोदय की अवधारणा पहली बार वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक मंच से सामने रखी थी। इसके बाद 2024 के बजट में केंद्र सरकार ने इसे एक ठोस नीति के रूप में पेश किया। ‘विकसित भारत’ के विजन के तहत यह माना गया कि जब तक पूर्वी भारत का विकास नहीं होगा, तब तक देश का संतुलित और समावेशी विकास संभव नहीं है। बाद में मोदी सरकार 3.0 के 100 दिन पूरे होने पर भी पूर्वोदय को पूर्वी भारत के लिए दीर्घकालिक विकास रणनीति के रूप में रेखांकित किया गया।

कौन-कौन से राज्य पूर्वोदय योजना का हिस्सा हैं

योजना मुख्य रूप से देश के पांच प्रमुख पूर्वी राज्यों पर केंद्रित है। इनमें बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। ये सभी राज्य जनसंख्या, प्राकृतिक संसाधन और भौगोलिक स्थिति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। राजनीतिक दृष्टि से भी ये राज्य केंद्र की सत्ताधारी एनडीए के लिए अहम माने जाते हैं। इन राज्यों में कृषि, खनन, तटीय व्यापार, उद्योग और सेवा क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें अब योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा, बजट 2026 में पूर्वोत्तर के छह राज्यों, जिनमें अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं, इनसे जोड़ते हुए 'बुद्ध सर्किट' जैसी योजनाओं के माध्यम से विकास के नए रास्ते खोले गए हैं।

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लोकसभा में बजट पेश करतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

पूर्वोदय योजना का उद्देश्य क्या है

पूर्वोदय योजना का मुख्य उद्देश्य पूर्वी भारत में आर्थिक अवसरों का विस्तार करना और जीवन स्तर में सुधार लाना है। इसके तहत सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने और उद्योगों को निवेश के लिए आकर्षित करने पर जोर दे रही है। योजना का फोकस सिर्फ विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि टिकाऊ और दीर्घकालिक प्रगति सुनिश्चित करना भी है।

बजट 2026 में पूर्वोदय को नई दिशा

केंद्रीय बजट 2026 में पूर्वोदय योजना को और विस्तार मिला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास की घोषणा की, जिसमें पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर को एक मजबूत औद्योगिक नोड के रूप में विकसित किया जाएगा। यह कॉरिडोर पूर्वी तट के राज्यों को औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही, पूर्वोदय के पांचों राज्यों में पांच नए पर्यटन स्थलों के विकास का प्रस्ताव रखा गया है। इससे पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। बजट में 4,000 इलेक्ट्रिक बसों के प्रावधान से शहरी परिवहन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

मानव संसाधन और कौशल विकास पर जोर

पूर्वोदय योजना का एक अहम पहलू मानव संसाधन विकास है। सरकार का मानना है कि बुनियादी ढांचे के साथ-साथ कुशल कार्यबल तैयार करना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से शिक्षा संस्थानों की क्षमता बढ़ाई जा रही है और नए तकनीकी और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। बिहार और अन्य राज्यों में उच्च शिक्षा और कौशल विकास से जुड़ी संस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि स्थानीय युवाओं को बेहतर रोजगार मिल सके। पूर्वोदय के तहत औद्योगिक गलियारों के निर्माण, कृषि और मत्स्य पालन में वैल्यू एडिशन और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे पूर्वी राज्यों की आर्थिक उत्पादकता बढ़ेगी और वे राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।

पूर्वोदय और विकसित भारत 2047 का सपना

सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने। इस लक्ष्य को हासिल करने में पूर्वोदय योजना को एक अहम आधार माना जा रहा है। पूर्वी भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर देश में क्षेत्रीय असमानता को कम करने और समावेशी विकास को गति देने की कोशिश की जा रही है।

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