US-Pakistan Ties: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के बीच बुधवार को व्हाइट हाउस में लंच पर बातचीत हुई। बातचीत के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि असीम मुनीर से मिलना उनके लिए सम्मान की बात थी। यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने वरिष्ठ नागरिक अधिकारियों के बिना ही व्हाइट हाउस में पाकिस्तानी सेना प्रमुख की मेजबानी की है। बता दें, अयूब खान, जिया उल-हक और परवेज मुशर्रफ जैसे पाकिस्तानी सेना प्रमुखों को भी अमेरिका की तरफ से इस तरह के निमंत्रण मिल चुके है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर की ट्रंप से यह मुलाकात भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष के कुछ हफ्तों बाद हुई है।
ट्रंप और मुनीर के बीच बुधवार को व्हाइट हाउस में लंच पर हुई बात
इससे पहले, पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की मांग की थी। उन्होंने यह पुरस्कार भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम कराने में ट्रंप की भूमिका के लिए मांगा था। बता दें, पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर का यह बयान व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात से पहले आया था। हालांकि, पीएम मोदी ने हाल में ही ट्रंप के साथ हुई बातचीत में कहा था कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि भारत किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को कभी भी स्वीकार नहीं करेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को व्हाइट हाउस में लंच मीटिंग के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की मेजबानी की। डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोकने में उनकी भूमिका के लिए मुनीर की प्रशंसा की। ट्रम्प ने कहा कि मैंने उन्हें यहां इसलिए बुलाया था क्योंकि मैं उन्हें युद्ध में न जाने और इसे समाप्त न करने के लिए धन्यवाद देना चाहता था। यह लंच बैठक इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई, जिसमें ट्रम्प अमेरिका की संभावित भागीदारी पर विचार कर रहे थे।
ट्रंप और मुनीर की मुलाकात के हो सकते है कई संभावित कारण
दक्षिण एशिया विश्लेषक माइकल कुगेलमैन ने एक्स पर एक पोस्ट में बैठक के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने एक्स पर लिखा कि वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी अक्सर पाकिस्तानी सेना प्रमुखों के साथ बातचीत करते हैं, लेकिन व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा शायद ही कभी ऐसी कोई बैठक आयोजित की जाती है। मुनीर की ट्रंप के साथ निर्धारित बैठक कई कारणों में से एक है, खासकर तब जब उनका प्रशासन ईरान में युद्ध के संबंध में अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रंप-मुनीर की निर्धारित बैठक को केवल इजरायल-ईरान युद्ध के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। महत्वपूर्ण खनिजों, क्रिप्टो और आतंकवाद विरोधी मुद्दों पर अमेरिका-पाक के बीच बातचीत हुई है। ट्रंप इन सभी में गहरी व्यक्तिगत रुचि रखते हैं। मुनीर को इन सभी के बारे में बात करने का अधिकार है। इसके अलावा, कश्मीर के बारे में भी। ट्रंप और मुनीर की इस मुलाकात के कई संभावित कारण हो सकते हैं। अमेरिका ने हाल ही में पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी लड़ाई में साझेदार बताया है। पाकिस्तान की चीन के साथ गहरी साझेदारी भी अमेरिका के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में मुनीर की ट्रंप के साथ बैठक को अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को अपने पक्ष में लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, ताकि वह चीन के प्रभाव को कम कर सके।
ट्रम्प ने फिर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने का लिया श्रेय
इस बीच, ट्रम्प ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने का श्रेय लिया तथा मई में तनाव कम करने में उनकी भूमिका के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की प्रशंसा की। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कुछ देर पहले ही यहां से गए हैं और हम भारत और पाकिस्तान के साथ व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं। मैं बहुत खुश हूं। दो बहुत ही चतुर लोगों ने युद्ध जारी न रखने का फैसला किया है। वे दो बड़ी परमाणु शक्तियां हैं। आज उनसे मिलकर मुझे सम्मानित महसूस हुआ। हालांकि, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बुधवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार देर रात ट्रम्प को बताया कि युद्ध विराम भारतीय और पाकिस्तानी सेनाओं के बीच बातचीत के माध्यम से हासिल किया गया था न कि अमेरिकी मध्यस्थता के माध्यम से।
