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AI Impact Summit: इंडिया में होगा 'बंपर' इन्वेस्टमेंट! दिग्गज टेक कंपनियों ने की मेगा डील्स; भारत को मिलेगा कितना फायदा?

India AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' की दुनियाभर में चर्चा हो रही है। यह समिट ग्लोबल लेवल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भारत की रणनीति और नेतृत्व की दिशा तय करने वाला अहम मंच माना जा रहा है। आइए जानते हैं कि इस समिट से भारत को कितना फायदा मिलने जा रहा है।

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Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' की वजह से भारत में बढ़े निवेश के अवसर।
Authored by: Piyush Kumar
Updated Feb 19, 2026, 16:19 IST
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KEY HIGHLIGHTS
अगले 5 साल में भारत में करीब 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का इन्वेस्टमेंट करेगा गूगल

रिलायंस और जियो ने देश में 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की

अगले दो वर्षों में 200 अरब डॉलर तक के मजबूत निवेश की उम्मीद: अश्विनी वैष्णव

India AI Impact Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित चार दिवसीय इंडिया एआई इंपैक्ट समिट पर इस समय पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। इस 'टेक महाकुंभ' में 100 से ज्यादा देशों की भागीदारी और 30 से अधिक देशों की 300 से ज्यादा कंपनियों ने शिरकत की है। यह समिट इस बात को दर्शाता है कि भारत अब सिर्फ एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि उभरती हुई टेक सुपरपावर बनने की दिशा में बुलेट की रफ्तार से दौड़ रहा है।

समिट में सुंदर पिचाई (Sundar Pichai), सैम ऑल्टमैन (Sam Altman), बिल गेट्स (Bill Gates) जैसे वैश्विक दिग्गजों की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भी अहम बना दिया है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर इस समिट से भारत को क्या फायदा होगा?

दरअसल, इस समिट से भारत को ढेरों इनवेस्टमेंट मिले हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, और क्वालकॉम जैसी कंपनियों ने भारत में इनवेस्टमेंट करने का एलान किया है। समिट के दौरान कंपनियों ने भरोसा जताया है कि वे भारत में डेटा सेंटर्स और न्यू AI मॉडल को डेवलप करेंगे।

pm modi

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गूगल करेगा 15 बिलियन डॉलर का निवेश

बुधवार को गूगल (Google) के सीईओ सुंदर पिचाई ने बताया कि कंपनी अगले 5 साल में भारत में करीब 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर का इन्वेस्टमेंट करेगी। AI इम्पैक्ट समिट के दौरान गूगल सीईओ और गूगल डीपमाइंड जीफ डेमिस हासाबिस दोनों भारत में हैं। सबसे बड़ी बात है कि गूगल का इन्वेस्टमेंट देश के पहले बड़े AI हब को तैयार करेगा। प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा हिस्सा आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बनने वाला मेगा AI डेटा सेंटर है। इसमें AI मॉडल ट्रेनिंग, क्लाउड सर्विस, और कंप्यूटिंग का केंद्र बनेगा।

sundar pichai

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एनवीडिया

Nvidia भारत में एक मेगा AI फैक्ट्री लगाने का काम प्लान बना रही है, जिसके लिए वह भारतीय कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के साथ मिलकर काम करेगी।

इसके अलावा, योट्टा डेटा सर्विसेज ने जानकारी दी है कि वह एनवीडिया के लेटेस्ट चिप्स के डेवलपमेंट पर 2 अरब डॉलर से अधिक का इनवेस्टमेंट करेंगे। वह एक AI कंप्यूटिंग हब तैयार करेंगे, जिसमें देश की शुरुआती चरण में मौजूद AI पहल को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

nvidia

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रिलायंस और जियो निभाएंगे बड़ी भूमिका

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने गुरुवार (19 फरवरी, 2026) को अपने समूह द्वारा 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की और मोबाइल डेटा की तरह ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता में क्रांति लाने का वादा किया। एआई इम्पैक्ट समिट में बोलते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि एआई का सर्वश्रेष्ठ रूप अभी आना बाकी है और एआई अत्यधिक समृद्धि के युग की शुरुआत कर सकता है।

mukesh ambani

mukesh ambani

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने गुरुवार (19 फरवरी, 2026) को अपने समूह द्वारा 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की और मोबाइल डेटा की तरह ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता में क्रांति लाने का वादा किया।

अदाणी ग्रुप ने क्या कहा?

अदाणी ग्रुप ने मंगलवार को नवीकरणीय ऊर्जा से चलने वाले और एआई-तैयार डेटा सेंटर विकसित करने के लिए 2035 तक 100 अरब डॉलर के निवेश की योजना की घोषणा की, जिसका उद्देश्य दुनिया का सबसे बड़ा एकीकृत डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म स्थापित करना है।

अदाणी ग्रुप ने कहा कि यह भारी निवेश ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक एआई प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कंपनी ने कहा कि इस पहल से सर्वर निर्माण, संप्रभु क्लाउड प्लेटफॉर्म और सहायक उद्योगों में अतिरिक्त 150 बिलियन डॉलर के खर्च को प्रोत्साहन मिलने की भी संभावना है।

adani group

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क्या है मोदी सरकार का लक्ष्य?

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इंडिया एआई समिट में कहा कि देश को अगले दो वर्षों में 200 अरब डॉलर तक के मजबूत निवेश प्रवाह की उम्मीद है। इंडियाएआई मिशन 2.0 का मुख्य उद्देश्य अनुसंधान और विकास को मजबूत करना और स्टार्टअप, उद्यमियों और शोधकर्ताओं के लिए साझा कंप्यूटिंग सुविधाओं को बढ़ाना होगा।

उन्होंने आगे कहा, “हमें निवेश के मजबूत अवसर उभरते हुए दिख रहे हैं, जिसमें 200 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का निवेश आने की उम्मीद है। हम वेंचर कैपिटलिस्टों की मजबूत भागीदारी के साथ-साथ बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश भी देख रहे हैं।”

pm modi

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निवेश के फायदे

  • नई नौकरियां पैदा होंगी।
  • स्टार्टअप उभरेंगे।
  • देश में तकनीकी स्वरोजगार बढ़ेगा।
  • डेटा सेंटर नेटवर्किंग का फैलावा होगा।
  • AI मॉडल ट्रेनिंग के लिए हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) भारत में तैयार होंगे।
  • स्थानीय AI विकास और उपयोग से भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक डेटा का बड़ा भंडार मिलेगा।

देश में स्थानीय भाषा आधारित AI मॉडलों को विकसित किया जा रहा है। भारत जैसे बहुभाषी देश में भाषा-आधारित AI मॉडल का बड़ा महत्व है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ वर्षों में देशभर में 70 से अधिक भारतीय भाषाओं के सपोर्ट वाले AI मॉडल तैयार होंगे। ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर AI की पहुंच बढ़ेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि जैसे क्षेत्रों में AI एक अहम योगदान निभाएगा।

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देश की तरक्की का खुलेगा नया रास्ता

एआई में निवेश का मतलब है कि देश में नए स्टार्टअप्स को फलने-फूलने के ढेरों मौके मिलेंगे। AI इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, AI ethics, और गवर्नेंस से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। दुनिया के दिग्गज कंपनियों का भारत पर विश्वास इस बात को दर्शाता है कि देश अब केवल एक बड़ा बाजार नहीं रहा, बल्कि AI और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक सशक्त खिलाड़ी बनकर उभर रहा है।

दुनिया की बड़ी AI कंपनियां भारत को साझेदार, अनुसंधान केंद्र और निवेश स्थान के रूप में मान रही हैं। यह भारत के वैश्विक ब्रांड वैल्यू को और मजबूत करता है। ऐसे समिट भारत को टेक पावर, नवाचार केंद्र, और वैश्विक AI का लीडर बना रहा है।

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