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'इलायथलपति' से 'थलापति' कैसे बने जोसेफ विजय चंद्रशेखर; क्या होता है तमिल में इनका मतलब?

टीवीके की जीत ने विजय के रूप में तमिलनाडु की राजनीति को एक नया 'धुरंधर' दे दिया है। आज हम फैन्स द्वारा विजय को दिए गए नाम 'थलापति' की करेंगे। हम आपको बताएंगे कि उन्हें ये नाम या खिताब कैसे मिला और इसका असल मतलब क्या होता है...

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थलापति विजय (फोटो-AI)
Authored by: Shiv Shukla
Updated May 6, 2026, 22:28 IST

तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विजय अब दक्षिण भारतीय राजनीति के 'मास्टर'बन चुके हैं। उन्होंने अपनी ओपनिंग में ही सेंचुरी जड़ दी है। दमदार अदाकारी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले विजय ने हालिया विधानसभा चुनावों में अपनी महज दो साल पुरानी टीवीके पार्टी की आंधी में द्रविड़ राजनीति के दिग्गज एआईएडीएमके और डीएमके दोनों को उड़ा दिया। अब वे सरकार बनाने जा रहे हैं। इतने कम समय में उन्होंने जो जीत हासिल की वह राजनीति के विश्लेषकों के लिए शोध का विषय बन गई है। तमाम राजनीतिक पंडित उनकी जीत के अलग-अलग कारण और तैयारियां गिना रहे हैं, लेकिन कुल मिलाकर कहें तो टीवीके की जीत ने तमिलनाडु की राजनीति को एक नया 'धुरंधर' जरूर दे दिया है। हालांकि आज हम बात उनकी राजनीति की कम बल्कि फैन्स द्वारा उन्हें दिए गए खिताब 'थलापति'की करेंगे। आज हम आपको बताएंगे कि उन्हें ये नाम या खिताब कैसे मिला और इसका असल मतलब क्या होता है...

कैसे फैन्स ने दिया 'थलापति'नाम

दक्षिण भारतीय सिनेमा में फैन्स सितारों को भगवान की तरह पूजते हैं। चाहें वो जयललिता हों या रजनीकांत या फिर विजय। इसके साथ ही वहां अपने पसंदीदा सितारों को खास नाम देने की परंपरा भी पुरानी है। जैसे रजनीकांत को 'थलाइवा' मतलब 'बॉस' और कमल हासन को 'उलगनायगन' मतलब 'यूनिवर्सल बॉस' और तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता को 'अम्मा'नाम दिया गया। उसी तरह विजय के फैन्स ने उन्हें 'थलापति' नाम दिया हुआ है। उन्हें यह नाम कैसे मिला इसकी भी रोचक कहानी है। फिल्मी जानकारों के मुताबिक, उन्हें यह नाम 1994 में आई फिल्म रसिगन की सफलता के बाद मिला। इस फिल्म को उनके पिता एसए चंद्रशेखर ने बनाया था। रसिगन की सफलता के बाद उन्हें ‘इलायथलपति’ यानी युवा कमांडर या सेनापति कहा जाने लगा। काफी सालों तक वे फैन्स के बीच इसी उपनाम से फेमस रहे। फिर साल आया 2017 और उन्होंने निर्देशक एटली के साथ फिल्म मर्सल बनाई। इस फिल्म के दौरान उन्होंने अपने ‘इलायथलपति’नाम से 'इलाय'हटाया और वे सिर्फ ‘थलापति’ रह गए। अब यह नाम ही उनकी पहचान बन चुका है।

थलापति विजय को कैसे मिला ये नाम।

थलापति विजय को कैसे मिला ये नाम।

क्या होता है 'थलापति' का मतलब

‘थलापति’ एक तमिल शब्द है, जिसका प्रयोग आम तौर पर किसी समूह, सेना या जनसमूह के नेतृत्व करने वाले व्यक्ति के लिए किया जाता है। सरल शब्दों में ‘थलापति’ का अर्थ सेनापति कमांडर या नेता होता है। तमिल सिनेमा में इस शब्द को बेहद सम्मानजनक माना जाता है और इसे आदर प्रकट करने के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

तमिलनाडु के थलापति की 'विजय' (AI Image)

तमिलनाडु के थलापति की 'विजय' (AI Image)

क्या है विजय का असली नाम

विजय का असली नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है। उनका जन्म प्रतिष्ठित ईसाई परिवार में हुआ और वे तमिलनाडु के ईसाई वेल्लालर समुदाय से संबंध रखते हैं। उनके पिता एसए चंद्रशेखर फिल्म उद्योग के जाने-माने निर्माता हैं,जिन्होंने उनके करियर को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी मां शोभा चंद्रशेखर प्रसिद्ध गायिका हैं। वे हिंदू आस्था का पालन करती हैं। विजय का विवाह संगीता से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ। उन्होंने हमेशा अपने पारिवारिक मूल्यों और विविध धार्मिक परंपराओं का सम्मान बनाए रखा है।

सुपरस्टार छवि का जला जादू

51 साल के थलपति विजय अपनी सुपरस्टार छवि के जादू को वोटों में बदलने में कामयाब रहे हैं। विजय की फैन फॉलोइंग कितनी है ये किसी से छिपी नहीं है। थलपति विजय ने पिछले 30 सालों में जितनी भी फिल्में की है उनमें ज्यादातर मसीहा की छवि वाली की हैं। शायद यही कारण भी है कि तमिलनाडु के युवा और महिलाएं थलपति विजय को अपना नायक और असली हीरो मानते हैं।

Vijay

Vijay

थलपति विजय की आंधी में उड़े अन्य दल

हाल ही में हुए चुनावों में टीवीके ने 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में 108 सीटें जीती हैं,जबकि सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का आंकड़ा आवश्यक है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में द्रमुक 59, अन्नानद्रमुक को 47, कांग्रेस को पांच, पीएमके को चार, आईयूएमएल, भाकपा, माकपा एवं वीसीके को दो-दो सीटें मिली हैं। वहीं भाजपा,डीएमडीके और एएमएमके को एक-एक सीट प्राप्त हुई।

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