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क्या वेनेजुएला पर हमला कर ट्रंप ने तोड़ा नियम, क्या कहता है अंतर्राष्ट्रीय कानून?

दुनिया के कई जगहों पर निरंकुश सरकारों के खिलाफ अमेरिकी आक्रामक कार्रवाइयों के उदाहरण भरे पड़े हैं। वेनेजुएला पर की गई कार्रवाई सबसे ऐतिहासिक उदाहरणों से भी कहीं आगे है। अमेरिका द्वारा मादुरो की गिरफ्तारी की वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं। ट्रंप के खिलाफ न सिर्फ दुनिया भर से विरोध की आवाज उठ रही है बल्कि, अपने ही देश अमेरिका में भी विरोध हो रहा है। जानिए इस तरह की कार्रवाई पर क्या कहता है अंतर्राष्ट्रीय कानून।

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वेनेजुएला और मादुरो पर ट्रंप की कार्रवाई पर उठे सवाल

अमेरिकी सेना ने एक आक्रामक ऑपरेशन चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया। मादुरो को न्यूयॉर्क लाया गया है, जहां उन्हें 'नार्को-आतंकवाद' के आरोपों में हिरासत में रखा गया है और उन पर मुकदमा चलाया जाना बाकी है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि फिलहाल अमेरिका ही देश का संचालन करेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि मादुरो की यह नाटकीय गिरफ्तारी पनामा, इराक और दुनिया के कई जगहों पर निरंकुश सरकारों के खिलाफ अमेरिकी आक्रामक कार्रवाइयों के सबसे चर्चित ऐतिहासिक उदाहरणों से भी कहीं आगे है। अमेरिका द्वारा मादुरो की गिरफ्तारी की वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं। ट्रंप के खिलाफ न सिर्फ दुनिया भर से विरोध की आवाज उठ रही है बल्कि, अपने ही देश अमेरिका में भी विरोध हो रहा है। जानिए इस तरह की कार्रवाई पर क्या कहता है अंतर्राष्ट्रीय कानून।

अब कहां हैं निकोलस मादुरो?

शनिवार (3 जनवरी) को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर हमला किया। इस दक्षिण अमेरिकी देश में कम से कम सात धमाकों की सूचना मिली। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 40 लोग मारे गए हैं। सेना ने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके उच्च सुरक्षा वाले आवास से गिरफ्तार कर लिया। वेनेजुएला से कुछ दूरी पर स्थित यूएसएस इवो जिमा पर ले जाए जाने के बाद दोनों को अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर ले जाया गया। यहां मादुरो को मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (MDC) में रखा गया है। मादुरो को लेकर एक विमान शनिवार शाम करीब 4:30 बजे न्यूयॉर्क शहर के उत्तरी उपनगर में स्थित एक हवाई अड्डे पर उतरा। मादुरो को विमान से उतारा गया, वह सावधानी से सीढ़ियों से नीचे उतरे। उन्हें संघीय एजेंट ने घेरा हुआ था। कई एजेंट ने अपने फोन से उनके वीडियो भी बनाए। इसके बाद उन्हें हेलीकॉप्टर से मैनहट्टन ले जाया गया, जहां कानून प्रवर्तन वाहनों का एक काफिला उनका इंतजार कर रहा था ताकि उन्हें पास के अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) कार्यालय ले जाया जा सके। इसमें एक बख्तरबंद गाड़ी भी शामिल थी।

अमेरिका ने कार्रवाई के बारे में क्या कहा है?

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि न्याय विभाग ने मादुरो को गिरफ्तार करने के लिए सैन्य सहायता मांगी थी, जिन पर न्यूयॉर्क की एक ग्रैंड जूरी ने उनकी पत्नी, बेटे, दो राजनीतिक नेताओं और एक कथित अंतरराष्ट्रीय गिरोह के नेता के साथ आरोप लगाया था। उन पर आतंकवाद, ड्रग्स और हथियारों से संबंधित अपराधों का आरोप लगाया गया था। अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने सोशल मीडिया पर कहा कि आरोपियों को जल्द ही अमेरिकी धरती पर अमेरिकी अदालतों में अमेरिकी न्याय का सामना करना पड़ेगा। हालांकि, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने वेनेजुएला पर अमेरिकी तेल हितों की चोरी का आरोप लगाया और कहा कि वाशिंगटन उन्हें वापस ले लेगा। साथ ही बिना कोई विवरण दिए ऐलान किया कि कुछ समय के लिए वेनेजुएला पर अमेरिका शासन करेगा।

ट्रंप की कार्रवाई पर क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

वेनेजुएला पर ट्रंप की बमबारी और मादुरो की गिरफ्तारी पर अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है। ट्रंप की कार्रवाई ने कानूनी मुद्दों को उलझा दिया है। नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी में संवैधानिक कानून के विशेषज्ञ प्रोफेसर जेरेमी पॉल ने रॉयटर्स को बताया, आप इसे कानून प्रवर्तन अभियान कहकर फिर यह नहीं कह सकते कि अब हमें देश चलाना है। इसका कोई मतलब नहीं बनता। वहीं, नोट्रे डेम लॉ स्कूल के प्रोफेसर और पूर्व सहायक अमेरिकी अटॉर्नी जिमी गुरुल ने भी एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि यह स्पष्ट रूप से एक घोर अवैध और आपराधिक कृत्य है। यहां तक कि कोलंबिया विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के विशेषज्ञ प्रोफेसर मैथ्यू वैक्समैन ने भी यही राय जताई। उन्होंने रॉयटर्स को बताया, सिर्फ आपराधिक अभियोग किसी विदेशी सरकार को हटाने के लिए सैन्य बल का प्रयोग करने का अधिकार नहीं देता है। कहा जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के केंद्रीय प्रावधान– अनुच्छेद 2(4)– का उल्लंघन किया है, जिसमें कहा गया है कि किसी देश को अन्य देशों के खिलाफ सैन्य बल का प्रयोग करने से बचना चाहिए और उनकी संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।

क्या कहता है अंतरराष्ट्रीय कानून?

सबसे पहले, अमेरिकी कांग्रेस के पास युद्ध घोषित करने की शक्ति है, जो उसने इस मामले में नहीं की है। दरअसल, ट्रंप की चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स ने वैनिटी फेयर को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि अगर ट्रंप वेनेजुएला में किसी भी जमीनी गतिविधि को अधिकृत करते हैं, तो उन्हें कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय कानून संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अनुमति या आत्मरक्षा जैसे कुछ सीमित अपवादों को छोड़कर अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल प्रयोग को प्रतिबंधित करता है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, मादक पदार्थों की तस्करी और गिरोह हिंसा को आपराधिक गतिविधि माना जाता है और ये सशस्त्र संघर्ष के स्वीकृत अंतरराष्ट्रीय मानक तक नहीं पहुंचते हैं, जो सैन्य कार्रवाई को उचित ठहरा सकें।

यूएन प्रमुख बोले, अमेरिकी कार्रवाई खतरनाक मिसाल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने वेनेजुएला और उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई पर चिंता जताते हुए कहा कि ये घटनाक्रम खतरनाक मिसाल कायम करते हैं। महासचिव के प्रवक्ता की ओर से शनिवार को जारी बयान में कहा गया कि गुतारेस वेनेजुएला में हाल में हुए उस घटनाक्रम से अत्यंत चिंतित हैं जिसके तहत अमेरिका ने आज देश में सैन्य कार्रवाई की और क्षेत्र के लिए इसके संभावित रूप से चिंताजनक निहितार्थ हो सकते हैं। गुतारेस ने कहा कि वेनेजुएला की स्थिति से अलग, ये घटनाक्रम एक खतरनाक मिसाल कायम करते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की गहरी चिंता है कि अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान नहीं किया गया। मादुरो और उनकी पत्नी पर न्यूयॉर्क के संघीय अधिकारियों ने मादक पदार्थों से संबंधित आतंकवाद की साजिश और अमेरिका के खिलाफ विनाशकारी उपकरण रखने की साजिश के आरोपों में अभियोग लगाया है।

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