इंजीनियरिंग की पढ़ाई, दिल्ली में घर... कौन है गोवा नाइट क्लब के मालिक लूथरा ब्रदर्स? पड़ोसियों ने खोला कच्चा-चिट्ठा
Goa Night Club Fire Accident: गोवा के अरपोरा स्थित 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब में हुए अग्निकांड में 25 लोगों की जान जा चली गई, जबकि कई लोग जख्मी हुए। घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया। इस मामले में गोवा पुलिस ने क्लब के मैनेजर समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। हादसे के बाद थाईलैंड भाग गए लूथरा ब्रदर्स।
- Authored by: Piyush Kumar
- Updated Dec 11, 2025, 07:05 PM IST
Goa Night Club Fire Accident: पर्यटकों का संगम और शानदार नाइटलाइफ ही गोवा की असल पहचान है। दिसंबर में यह राज्य वाइब्रेंट और एनर्जी से सराबोर रहता है। हालांकि, इस साल 6 दिसंबर की आधी रात गोवा में एक ऐसा हादसा हुआ जो राज्य के लिए एक बुरा सपना बन चुका है।
गोवा के अरपोरा स्थित 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब में हुए अग्निकांड में 25 लोगों की जान जा चली गई, जबकि कई लोग जख्मी हुए। घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया। इस मामले में गोवा पुलिस ने क्लब के मैनेजर समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
हादसे के बाद थाईलैंड भाग गए लूथरा ब्रदर्स
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल था कि क्लब का मालिक कौन है और कहां है। पुलिस ने जब छानबीन की तो पता चला कि मालिक लूथरा ब्रदर्स देश छोड़कर थाईलैंड भाग गए हैं। दिल्ली निवासी गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा दोनों भाई हैं। मुंबई में ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन से संपर्क करने पर पता चला कि दोनों भाई 7 दिसंबर की सुबह 5.30 बजे, यानी घटना के तुरंत बाद, 6E 1073 फ्लाइट से फुकेत, थाईलैंड भाग गए।
गोवा के 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब में 6 दिसंबर को लगी थी आग।(फोटो सोर्स: ANI)
हिरासत में दोनों भाई
आशंका जताई जा रही है कि जांच से बचने के इरादे से दोनों थाईलैंड भागे हैं। हालांकि, दोनों भाइयों को हिरासत में ले लिया जा चुका है। खबर लिखे जाने तक जानकारी मिली है कि उन्हें 24 घंटे के भीतर भारत प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा। भारतीय अधिकारी बंधुओं को वापस लाने के लिए थाईलैंड जा रहे हैं।
थाईलैंड में हिरासत में लिए गए सौरव और गौरव।(फोटो सोर्स: ANI)
सौरभ और गौरव पर गैर इरादतन हत्या और लापरवाही का आरोप लगाया गया है। यह घटनाक्रम सौरभ और गौरव के पासपोर्ट निलंबित किए जाने के कुछ घंटों बाद सामने आया।
लूथरा ब्रदर्स के पड़ोसियों ने क्या-क्या कहा?
दिल्ली के रहने वाले दोनों भाइयों की जिंदगी से जुड़ी कई अहम जानकारी सामने आई है। दोनों भाइयों का घर दिल्ली के मुखर्जी नगर के आउट्राम लाइंस इलाके में है। हादसे के बाद चार मंजिला इमारत बंद है। यह गौरव और सौरव का पैतृक घर है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, लूथरा ब्रदर्स के पड़ोसी ने बताया कि दोनों भाई काफी मिलनसार थे। उनके पिता लकवाग्रस्त हैं और चलने-फिरने में दिक्कत होने के कारण ज्यादातर घर के अंदर ही रहते हैं।"
पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने परिवार के सदस्यों को आखिरी बार आग लगने वाले दिन ही देखा था। एक अन्य पड़ोसी ने दावा किया कि उसने रविवार रात को एक भाई के बच्चों को देखा था। एक बुजुर्ग पड़ोसी ने कहा कि वे दशकों से लूथरा परिवार को जानते हैं। दोनों बेहद धार्मिक हैं। इस घटना से लूथरा ब्रदर्स के पड़ोसी पूरी तरह आश्चर्यचकित हैं।
सौरव लूथरा की फाइल फोटो।(फोटो सोर्स: saurabh luthra instagram handle)
बुटीक का दुकान चलाते थे लूथरा ब्रदर्स के पिता
एक पड़ोसी ने बताया कि सौरव और गौरव के पिता लकवाग्रस्त होने के बाद परिवार ने आस-पड़ोस के कपड़ों के बुटीक चलाई। इस दौरान दोनों भाई दिल्ली से बाहर किसी कॉलेज में पढ़ाई कर रहे थे। डिग्री पूरी करने के बाद दोनों भाई कैफे और रेस्टो-बार के कारोबार में उतर गए। इसके बाद दोनों भाई गोवा चले गए। दोनों भाई मिलकर ही पूरे देश में अपने बिजनेस को बढ़ा रहे थे।
सौरभ लूथरा की लिंक्डइन प्रोफाइल से कई अहम जानकारी सामने आई है। इस प्रोफाइल के अनुसार, सौरभ लूथरा Romeo Lane, Birch, और Mama's Buoi का चेयरमैन है। गोल्ड मेडलिस्ट सौरभ लूथरा ने इंजीनियरिंग छोड़ हॉस्पिटैलिटी बिजनेस में अपना हाथ आजमाया था। इसी के चलते उसने 2016 में रोमियो लेन नाइटक्लब की शुरुआत की थी। इसके बाद उसका कारोबार बढ़ता गया।
लूथरा ब्रदर्स की फाइल फोटो।(फोटो सोर्स: luthra brothers instagram handle)
लूथराब्रदर्स के वर्तमान में देशभर के 22 बड़े शहरों और चार अन्य देशों में भी रेस्टोरेंट और बार हैं, जिन्हें दोनों भाई भी चलाते हैं। बता दें कि गोवा पुलिस पहले ही क्लब के चीफ जनरल मैनेजर राजीव मोदक, जनरल मैनेजर विवेक सिंह, बार मैनेजर राजीव सिंघानिया और गेट मैनेजर रियांशु ठाकुर को गिरफ्तार कर चुकी है।
लूथरा ब्रदर्स की गिरफ्तारी के बाद उनकी लीगल टीम द्वारा गुरुवार को एक बयान जारी किया गया। बयान में कहा गया, वे कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं, जिनका कानून की प्रक्रिया से बचने का कभी इरादा नहीं है।
6 दिसंबर की रात क्लब में क्या हुआ?
अपने परिवार के चार सदस्यों—पति विनोद, बहन कमला जोशी, बहन अनीता जोशी, और बहन सरोज जोशी को गोवा अग्निकांड में खो चुकी भावना जोशी ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत की।
उस रात को याद करते हुए भावना ने कहा,"जब आग लगी तो सबसे पहले मेरे पति ने ही बताया था कि आग लगी है. उसके बाद डांसर वहां से भागी और देखते ही देखते आग तेजी से फैली। मैं चिल्लाती रही कि मेरे पति और बहन अंदर हैं, लेकिन किसी ने बात नहीं सुनी।"
भावना ने बताया कि डांस के समय इलेक्ट्रिक सामानों में फायर क्रैकर्स जैसी आतिशबाजी हो रही थी. ऊपर बांस की छत थी, पहले एक चिनगारी ऊपर उठी। फिर देखते ही देखते धुआं होने लगा. क्योंकि रोशनी कम थी, बहुत सारे लोग देख ही नहीं पाए।
भावना ने कहा," मेरे पति ने जब तक बताया, तब तक आग बहुत ऊपर फैल गई थी. अगर आग बचाने के पर्याप्त उपाय होते तो आग फैलती नहीं, लेकिन जब आग लगी तो पानी के ग्लास से लोग आग बुझा रहे थे।" भावना ने कहा कि अगर सिद्धार्थ और गौरव लूथरा को सजा नहीं मिली तो कानून से लोगों को विश्वास उठ जाएगा। सिद्धार्थ और गौरव लूथरा आग लगने के बाद विदेश भाग गए. इससे पता लगता है कि ये लोग कितने संवेदनशील थे।
