Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने ईरान को बड़ी धमकी दी है। डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल पर अपने एक पोस्ट में साफ शब्दों में कहा है कि आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी (A Whole civilization will die tonight)। डोनाल्ड ट्रम्प की इस धमकी को बहुत बड़ी धमकी माना जा रहा है। अगर ट्रम्प ने ईरान में अमेरिकी सेना को फ्री हैंड दे दिया तो ईरान में आज की रात सच में तबाही का मंजर होगा। वहां सभ्यता ही नहीं मानवता भी खतरे में पड़ जाएगी। चलिए जानते हैं ईरान की वह सभ्यता है क्या, जिसे डोनाल्ड ट्रम्प खत्म करने की धमकी दे रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रम्प की धमकी और ईरान की सदियों पुरानी सभ्यता
ईरान की संस्कृति दुनिया के सबसे प्राचीन और समृद्ध संस्कृतियों में से एक मानी जाती है। हजारों साल पुरानी सभ्यताओं से लेकर आधुनिक इस्लामिक गणराज्य तक, ईरान की यात्रा कई महत्वपूर्ण राजनीतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक बदलावों से होकर गुजरी है। इस दौरान ईरान ने कई संस्कृतियों को बनते और उजड़ते देखा है। खासतौर पर प्री-इस्लामिक यानी इस्लाम से पहले का दौर में। आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प उसी ईरान की सभ्यता को खत्म करने की धमकी दे रहे हैं।
प्राचीन काल में ईरान का भूगोल
प्राचीन काल से ही ईरान के भूगोल यानी यहां के पहाड़, रेगिस्तान और उपजाऊ घाटियों ने यहां की सभ्यता को आकार देने में काफी अहम भूमिका निभाई है। लगभग 3500 ईसा पूर्व एलामाइट्स सभ्यता यहां की पहली प्रमुख सभ्यता मानी जाती है, जिसने कला, वास्तुकला और व्यापार के क्षेत्र में बहुत ही अहम योगदान दिया।
जब आर्यों ने ईरान की धरती पर रखा कदम
माना जाता है कि करीब 1500 ईसा पूर्व आर्य समूह मध्य एशिया से ईरान पहुंचे। यही आर्य आगे चलकर मेड्स और पर्शियंस जैसे शक्तिशाली समुदायों में बंट गए। इन समुदायों ने आगे चलकर बड़े साम्राज्यों की नींव रखी। मेडियन साम्राज्य (678–550 ईसा पूर्व) पहला संगठित राज्य था, जिसने असीरियन साम्राज्य को समाप्त करने में अहम भूमिका निभाई।
साइरस द ग्रेट ने दी ईरान को पहचान
इसके बाद ईरान में अचेमेनिड साम्राज्य आया, जिसकी स्थापना महान सम्राट साइरस ने की। यह साम्राज्य मिस्र से लेकर भारत तक फैला हुआ था और अपने प्रशासन, धार्मिक सहिष्णुता और शानदार निर्माण कार्यों के लिए जाना जाता था। पर्सेपोलिस जैसे भव्य शहर इसी दौर में बने, जो आज भी ईरान की पहचान हैं। हालांकि, 330 ईसा पूर्व में सिकंदर द ग्रेट ने इस साम्राज्य का अंत कर दिया।
रोमन साम्राज्य को चुनौती देने वाला काल
इसके बाद पार्थियन और फिर सासानी साम्राज्य ने ईरान पर शासन किया। पार्थियन साम्राज्य (247 ईसा पूर्व–224 ईस्वी) ने रोमन साम्राज्य को कई बार चुनौती दी और सिल्क रूट के माध्यम से व्यापार को बढ़ावा दिया। वहीं सासानी साम्राज्य (224–651 ईस्वी) ने फारसी संस्कृति, कला और शिक्षा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इस दौर में जोरोएस्ट्रियन धर्म प्रमुख था, जिसने एक ईश्वर और अच्छाई-बुराई के संघर्ष की अवधारणा को स्थापित किया। इस धर्म ने न सिर्फ ईरान, बल्कि अन्य धर्मों पर भी गहरा प्रभाव छोड़ा।
ईरान का इतिहास और संस्कृति काफी समृद्ध रही है
ईरान में इस्लाम की शुरुआत
651 ईस्वी में अरब मुस्लिम आक्रमण के साथ सासानी साम्राज्य का पतन हुआ और ईरान में इस्लाम का आगमन हुआ। धीरे-धीरे इस्लाम यहां का प्रमुख धर्म बन गया और समाज में नए बदलाव आए। हालांकि, इस दौरान भी फारसी संस्कृति और परंपराएं पूरी तरह समाप्त नहीं हुईं, बल्कि इस्लामी प्रभाव के साथ मिलकर एक नई पहचान बनी।
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इस्लामी दौर में ईरान में कई स्थानीय राजवंश उभरे, जैसे सामानी वंश। उन्होंने फारसी भाषा और संस्कृति को पुनर्जीवित किया। इसके बाद तुर्क और मंगोल आक्रमणों ने ईरान को प्रभावित किया, लेकिन समय के साथ ये भी फारसी संस्कृति में समाहित हो गए।
16वीं सदी में शिया इस्लाम ईरान का राज्य धर्म बन गया
16वीं सदी में सफवीद वंश के उदय ने ईरान को एक नई दिशा दी। इस वंश ने शिया इस्लाम को राज्य धर्म घोषित कर दिया और यह आज भी ईरान की पहचान का प्रमुख हिस्सा है। इसी दौर में इस्फहान जैसे शहरों का विकास हुआ, जो आज भी अपनी वास्तुकला के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं।
1979 की इस्लामी क्रांति ने राजशाही को किया खत्म
20वीं सदी में पहलवी शासन के दौरान ईरान में आधुनिकीकरण की कोशिशें तेज हुईं, लेकिन इससे सामाजिक और राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया। आखिरकार 1979 की प्रसिद्ध इस्लामी क्रांति ने ईरान से राजशाही को खत्म कर यहां एक इस्लामिक गणराज्य की स्थापना की।
आज का ईरान अपने प्राचीन और आधुनिक इतिहास का एक अनोखा संगम है। यहां की संस्कृति, भाषा, वास्तुकला और परंपराएं हजारों वर्षों की विरासत को दर्शाती हैं। ईरान का इतिहास न सिर्फ उसके अतीत को समझने में मदद करता है, बल्कि वर्तमान और भविष्य की दिशा को भी स्पष्ट करता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता को खत्म करने की बात कर रहे हैं।
