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Bihar Election: 20 जिले, 122 सीटें, कई दिग्गजों का सियासी भविष्य दांव पर... दूसरे चरण में NDA और महागठबंधन की 'अग्निपरीक्षा'

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण का मतदान मंगलवार को होगा। इस चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर 1302 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनका फैसला 3.70 करोड़ मतदाता करेंगे। एनडीए, महागठबंधन, जन सुराज और एआईएमआईएम के बीच कांटे की टक्कर है। कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया जैसे सीमांचल जिलों में एनडीए की बड़ी परीक्षा है, जबकि मिथिलांचल और चंपारण में उसका पारंपरिक दबदबा कायम है।

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Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
122 विधानसभा सीटों पर होगा बिहार चुनाव के दूसरे चरण का मतदान।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)
Authored by: Piyush Kumar
Updated Nov 10, 2025, 18:01 IST
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Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे फेज (Bihar Election Second Phase) का मतदान मंगलवार को होना है। 20 जिलों की 122 सीटों पर होने वाली वोटिंग के लिए 1302 उम्मीदवार मैदान में हैं। इन 1302 उम्मीदवारों का फैसला 3 करोड़ 70 लाख 13 हजार 556 मतदाता करेंगे।

दूसरे चरण के चुनाव में मिथिलांचल से लेकर सीमांचल शाहाबाद-मगध से लेकर चंपारण बेल्ट तक की सीटें शामिल हैं। 122 सीटों में 101 सीटें जनरल, 19 अनुसूचित जाति और 2 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं।

किस पार्टी के कितने उम्मीदवार मैदान में?

दूसरे चरण में एनडीए की ओर से बीजेपी (BJP) के 53 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, जेडीयू (JDU) के 44, जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के सभी 6 और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम के 4 और एलजेपी (आर) के 15 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

बात करें महागठबंधन की तो आरजेडी के उम्मीदवार 71 सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस के 37, मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी के 7, सीपीआई (माले) 7, सीपीआई के 4 और सीपीएम एक उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, दूसरे चरण में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) के 21 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके अलावा प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के 120 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

2020 विधानसभा चुनाव नतीजे पर एक नजर डालें तो पिछली बार इन 122 सीटों में से 66 सीटों पर महागठबंधन के दलों ने बाजी मार ली थी। वहीं, एनडीए के खाते में महज 49 सीटें आई थी। इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी को 5 सीटें मिली थीं। वहीं एक सीट पर बीएसपी ने कब्जा कर लिया था।

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सीमांचल में NDA की 'अग्निपरीक्षा'

दरअसल, कटिहार, किशनगंज, अररिया और पूर्णिया जैसे जिले, सीमांचल क्षेत्र में आते हैं। इन सभी जिलों को मिला लें तो 24 विधानसभा सीटें बनती है। दरअसल, यह एक मुस्लिम बहुल इलाका है, जहां राजद और ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का दबदबा है। 2020 में इन 24 सीटों में एनडीए को महज 6 सीटें ही मिली थी। वहीं, महागठबंधन के खाते में 12 और एआईएमआईएम के खाते में पांच सीटें गई थी। इस बार जन सुराज में चुनावी लड़ाई और घमासान कर दी है।

मिथिलांचल और चंपारण का क्या है हाल?

पहले बात करें मिथिलांचल क्षेत्र की। दरअसल, मिथिलांचल में दो जिले मुख्य हैं, मधुबनी और सुपौल दोनों जिलों में कुल 15 सीटें हैं। इस क्षेत्र में एनडीए का दबदबा रहा है। इसके अलावा चंपारण में एनडीए के घटक दलों का अच्छा प्रदर्शन रहा है।

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इन दिग्गजों की सियासी भविष्य दांव पर

दूसरे चरण में कई दिग्गजों की सियासी भविष्य दांव पर लगी है। इस बार कई मौजूदा मंत्री, पूर्व मंत्री और दो पूर्व उपमुख्यमंत्री की अग्निपरीक्षा है। पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी बेतिया से तो पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद कटिहार से बीजेपी के उम्मीदवार हैं।

इसके अलावा नीतीश सरकार के मंत्री, सुमीत कुमार सिंह, जमा खान, जेडीयू के नेता जयंत राज, झंझापुर से बीजेपी उम्मीदवार नीतीश मिश्रा, नौतन से बीजेपी उम्मीदवार नारायण प्रसाद, फुलपारस से जेडीयू उम्मीदवार शीला मंडल और धमदाहा से जेडीयू की लेशी सिंह चुनावी मैदान में हैं।

45,399 मतदान केंद्र बनाए गए

चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के लिए पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मंगलवार को होने वाले मतदान के दौरान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए चार लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

राज्य में दूसरे और अंतिम चरण के तहत 122 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इसके लिए कुल 45,399 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 40,073 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं।

सीएपीएफ की करीब 500 कंपनियां तैनात

निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया, “बिहार में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चार लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।”

उन्होंने बताया कि राज्य में चुनाव-पूर्व ड्यूटी के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की करीब 500 कंपनियां (लगभग 50,000 जवान) पहले से तैनात थीं। इसके अलावा अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में और 500 कंपनियों को राज्य में भेजा गया था।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिहार पुलिस के 60,000 से अधिक कर्मी चुनावी ड्यूटी में पहले से लगे हुए हैं। इसके अलावा अन्य राज्यों से आए रिजर्व बटालियन के लगभग 2,000 जवान, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के 30,000 कर्मी, 20,000 से अधिक होमगार्ड, प्रशिक्षणरत 19,000 नए सिपाही और करीब डेढ़ लाख अन्य कर्मी (ग्रामीण पुलिस) भी दोनों चरणों के लिए चुनावी ड्यूटी में लगे हैं।

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