NCERT किताबों के बाद अब बिहार की जाति सूची से भी क्यों बाहर हुए मुगल? क्या है इसके पीछे की राजनीति

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 16, 2023, 02:06 PM IST

Bihar Caste Census:जातिगत जनगणना का दूसरा चरण शनिवार से शुरू हो चुका है। यह जनगणना बिहार के सभी जिलों में 15 मई तक चलेगी। इस दौरान घर-घर जाकर लोगों से उनकी जाति, धर्म, शैक्षणिक योग्यता और आय संबंधित सवाल करेंगे।

Bihar Caste Census: बिहार में जातिगत जनगणना का दूसरा चरण 15 अप्रैल से शुरू हो चुका है। इस संबंध में जातियों के लिए कोड भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इन सबके बीच सबसे ज्यादा चर्चा बिहार में मुस्लिमों की अग्रणी जाति मुगल को लेकर है। दरसअल, दूसरे चरण की जनगणना की सूची से मुगल जाति गायब है। ऐसा तब हुआ है, जब राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की 12वीं की किताबों से मुगल इतिहास गायब हो चुका है। ऐसे में मुगल इतिहास और इस जाति को लेकर चर्चा लाजमी है।

Bihar caste census

बिहार जातिगत जनगणना से मुगल जाति गायब (सांकेतिक तस्वीर)

मुगल जाति को जातीय गणना की सूची में न शामिल किए जाने से लोगों में आक्रोश है। इस संबंध में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक पत्र भी लिखा गया है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि मुगल जाति की बिहार में आबादी कितनी है? सूची में जाति के न शामिल होने के पीछे राजनीति क्या है और सरकार ने जातीय जनगणना की सूची में मुगल नाम को शामिल क्यों नहीं किया?

End of Feed