Ankit Baliyan Murder: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर निर्मम हत्या कर दी गई। इस वारदात से एक बार फिर गैंगस्टर और कलाकारों के गठजोड़ और दुश्मनी दोनों ही परतों को खोलकर रख दिया है। पंजाब और हरियाणा के लोकप्रिय सिंगरों और कलाकारों को अक्सर आपराधिक गिरोह अपना निशाना बनाते रहे हैं। अंकित फिर भी एक छोटा ही नाम है, गैंगस्टरों ने सिद्धू मुसेवाला जैसे पंजाब के लोकप्रिय सिंगर तक को नहीं बख्शा है। ये घटनाएं बताती हैं कि गैंगस्टर किस कदर बेखौफ होकर अपने अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। कई लोकप्रिय कलाकार आपराधिक गिरोहों का शिकार बन चुके हैं। कौन थे अंकित बालियान और किसने बनाया निशाना? आखिर क्यों बनते हैं पंजाब और हरियाणा के सिंगर कलाकार अपराधियों का निशाना? इन पर क्यों नहीं लग पाती है लगाम, पुलिस क्यों रहती है नाकाम? इन्हीं सवालों को जानने की कोशिश करते हैं।
कौन थे अंकित बालियान?
35 साल के अंकित बालियान उत्तर प्रदेश के शामली जिले के बंतीखेड़ा गांव के रहने वाले एक बेहद लोकप्रिय हरियाणवी गायक, डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और यूट्यूबर थे। सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग थी। वे मुख्य रूप से अपने दबंग और देहाती शैली के गानों और कॉमेडी और लाइफस्टाइल वीडियो के लिए जाने जाते थे। उनका गाना 'भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान' उनके सबसे चर्चित गानों में से एक था। गानों और सोशल मीडिया से प्रसिद्धि मिलने के बाद वे युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो गए थे। संगीत और यूट्यूब के अलावा अंकित बालियान स्थानीय स्तर पर भी काफी सक्रिय थे। वे अपनी बेबाक शैली और गानों के जरिए पहचान बनाने के साथ-साथ जिम और फिटनेस के भी शौकीन थे।
कैसे हुई अंकित की हत्या?
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर निर्मम हत्या कर दी गई। यह वारदात बुधवार, 26 अगस्त 2026 की शाम करीब 6:30 से 7:00 बजे के बीच शामली शहर कोतवाली क्षेत्र के आर्यपुरी स्थित नाला पटरी इलाके में हुई। मूल रूप से शामली के बंतीखेड़ा गांव के रहने वाले 35 वर्षीय अंकित बालियान अपने लोकप्रिय गानों ('भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान') और सोशल मीडिया कंटेंट के लिए जाने जाते थे। घटना के वक्त अंकित रोजाना की तरह आर्यपुरी स्थित जिम से वर्कआउट खत्म करके बाहर निकले थे और नाला पटरी पर खड़ी अपनी गाड़ी की तरफ बढ़ रहे थे। इसी दौरान वहां पहले से घात लगाकर तैयार बैठे 3 से 4 अज्ञात बदमाशों ने उन पर अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने उन पर 12 से 20 राउंड अंधाधुंध गोलियां बरसाईं और एक शूटर ने उनके सिर में भी गोली मार दी, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
किसने ली हत्या की जिम्मेदारी, क्या वजह बताई?
कुख्यात 'गोगी गैंग' के शूटर भोलू शाहपुरिया (सोनीपत) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस हत्याकांड की खुली जिम्मेदारी ली है। गैंग ने बकायदा सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर हत्या की जिम्मेदारी ली और इसकी वजह भी बताई। सोशल मीडिया पर जो पोस्ट डाला गया उसमें कहा गया कि गोगी के साथ जो कोर्ट में घटना हुई थी, जिसमें उसकी जान चली गई थी, उसपर अंकित ने गाना बनाया था और उनके दुश्मनों का साथ देता था।
गैंगस्टरों के निशाने पर क्यों रहते हैं सिंगर
रंगदारी और जबरन वसूली
पंजाबी और हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री का दायरा पिछले एक दशक में वैश्विक हो चुका है। गानों की व्यूअरशिप, विदेशों में लाइव शो, यूट्यूब रेवेन्यू और स्पॉन्सरशिप से कलाकार भारी कमाई करते हैं। रंगदारी मांगने वाले आपराधिक गिरोह इन सिंगरों को आसान और अमीर शिकार के रूप में देखते हैं और उनसे करोड़ों की प्रोटेक्शन मनी की मांग करते हैं। हालांकि अंकित मामले में किसी तरह की रंगदारी नहीं मांगी गई थी। यहां दुश्मनी का मामला था।
गन कल्चर और गानों में गैंगस्टरों का महिमामंडन
गानों में बंदूक, महंगी गाड़ियों, हिंसा और बाहुबल को काफी बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है। कई बार शुरुआत में उभरते हुए कलाकार अपनी शोहरत या लोकल सुरक्षा के लिए अपराधियों के नाम का इस्तेमाल करते हैं या उनसे संबंध बनाते हैं। लेकिन यही संबंध बाद में उनके लिए जानलेवा साबित होते हैं, क्योंकि एक गैंग से जुड़ते ही दूसरा विरोधी गैंग उन्हें अपना दुश्मन मान लेता है। अंकित मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ। गोगी गैंग के अपराधी अंकित के एक गाने पर नाराज हो गए और उसकी जान ले ली। गिरोह का कहना है कि अंकित ने अदालत में गोगी की हत्या का महिमामंडन अपने गाने के जरिए किया था।
विदेशी नेटवर्क और डिजिटल क्राइम
लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ जैसे कई प्रमुख गैंगस्टर या उनके हैंडलर विदेशों (कनाडा, अमेरिका, यूके) में बैठे हैं। वे इंटरनेट कॉलिंग और एनक्रिप्टेड ऐप्स के जरिए भारत में कलाकारों को धमकियां देते हैं। विदेशों में होने के कारण भारतीय पुलिस के लिए उन पर तुरंत कार्रवाई करना मुश्किल होता है, जबकि वे स्थानीय स्तर पर भाड़े के निशानेबाजों का इस्तेमाल कर वारदातों को अंजाम दिलवाते हैं। असली अपराधी तक पहुंचने में पुलिस हमेशा नाकाम रहती है।