Times Now Sustainability Conclave 2026: श्रीया पिलगांवकर ने पर्यावरण को लेकर दिया संदेश, ट्रोलिंग पर कही ये बात

  • Authored by: अभय
  • Updated Jul 22, 2026, 04:38 PM IST

Shriya Pilgaonkar Times Now Sustainability Conclave 2026: एक्ट्रेस श्रिया पिलगांवकर ने पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि आने वाले समय की जरूरत है।

Shriya Pilgaonkar Times Now Sustainability Conclave 2026: टाइम्स नाउ सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव 2026 में इस बार पर्यावरण और बेहतर भविष्य को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस इवेंट में एक के बाद एक बड़े नाम पहुंच रहे हैं। अब इसी बीच इस खास कार्यक्रम में एक्ट्रेस श्रिया पिलगांवकर (Shriya Pilgaonkar) ने भी हिस्सा लिया और सस्टेनेबिलिटी को लेकर अपना बयान दिया। श्रिया पिलगांवकर ने इस दौरान अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी खुलासे किए। श्रिया पिलगांवकर के खुलासों ने लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। तो चलिए जानते हैं श्रिया पिलगांवकर ने टाइम्स नाउ सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव 2026 के दौरान क्या-क्या बोला है, जिसको लेकर इतनी चर्चा हो रही है।

Shriya Pilgaonkar Times Now Sustainability Conclave 2026

श्रिया पिलगांवकर ने इवेंट में कही ये बात (Image Source: Times Now/ X)

सस्टेनेबिलिटी को लेकर कही ये बात

टाइम्स नाउ सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव 2026 में एक्ट्रेस श्रिया पिलगांवकर ने पर्यावरण, समाज, अपने करियर और सोशल मीडिया पर मिलने वाली आलोचना जैसे कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज 'सस्टेनेबिलिटी' सिर्फ एक ट्रेंडी शब्द बनकर रह गया है, जबकि अब वक्त 'सर्वाइवेबिलिटी' यानी अस्तित्व बचाने की बात करने का है। उन्होंने कहा, 'बहुत से लोगों के लिए सस्टेनेबिलिटी सिर्फ एक कूल शब्द है। मैं खुद को किसी लेबल से जोड़ना नहीं चाहती। मुझे सिर्फ इतना करना है कि जो जरूरी है, वो करती रहूं। इसका पूरा श्रेय मेरी मां को जाता है। हमने कोंकण इलाके में जमीन का एक छोटा-सा टुकड़ा खरीदा था। वहां पहले कोई पेड़ नहीं थे, लेकिन पता चला कि कभी वो इलाका घने जंगलों से भरा हुआ था। इसके बाद मां ने काफी रिसर्च की और अब हम मियावाकी तकनीक से वहां छोटा जंगल तैयार कर रहे हैं। इसमें स्थानीय पेड़-पौधे लगाए जाते हैं, जिससे कम समय में घना जंगल तैयार हो जाता है।' श्रिया का मानना है कि बदलाव की शुरुआत हमेशा छोटे कदमों से होती है। उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी के कई लोग अब घर बनाने से लेकर रोजमर्रा की जिंदगी तक हर चीज को ज्यादा जिम्मेदारी के साथ देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई सच में पर्यावरण को लेकर गंभीर है, तो उसके लिए दिखावे की जरूरत नहीं है।

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