Manoj Bajpayee on Trolling: बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म घूसखोर पंडत (Ghooskhor Pandat) को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। फिल्म घूसखोर पंडत से जुड़े एक के बाद एक अपडेट सामने आ रहे हैं। कुछ महीने पहले फिल्म घूसखोर पंडत का टीजर सामने आया था। फिल्म घूसखोर पंडत के टीजर ने रिलीज होते ही धमाल मचा दिया था। लेकिन फिल्म का टाइटल को लेकर काफी विवाद हो गया था। इस विवाद के बाद फिल्म घूसखोर पंडत का टीजर भी हटा दिया गया था। अब इन सब के बीच फिल्म घूसखोर पंडत के एक्टर मनोज बाजपेयी का इंटरव्यू सामने आया है। इस इंटरव्यू के दौरान मनोज बाजपेयी ने फिल्म को लेकर शुरू हुए विवाद पर रिएक्शन दिया है। (ये भी पढ़ें: 'टाइटल बदलो नहीं तो...' सुप्रीम कोर्ट ने 'घूसखोर पंडत' के मेकर्स को लगाई फटकार)
मनोज बाजपेयी ने तोड़ी चुप्पी (Image Source: IMDb)
मनोज बाजपेयी ने कही ये बात
एक्टर मनोज बाजपेयी एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं। इसकी वजह कुछ और नहीं बल्कि मनोज बाजपेयी की अभी हाल ही में दिया एक इंटरव्यू है। PTI को दिए एक इंटरव्यू में मनोज ने बताया कि फिल्म घूसखोर पंडत के टाइटल के विवाद का असर कुछ समय तक पूरी टीम पर पड़ा था और उन्हें खुद भी कई धमकियां मिली थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थी, लेकिन जब ऐसा हुआ तो उन्होंने दो दिन के अंदर माफी मांग ली थी। उन्होंने ये भी कहा कि अगर किसी चीज से लोगों की भावनाएं आहत होती हैं, तो वे उसे सुधारने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। उनका कहना था कि फिल्म का नाम बदलना उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है, क्योंकि वे आसानी से और भी अच्छे नाम रख सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि धमकियों के बावजूद वे बिना डर के सफर करते रहे। उन्होंने कहा कि जब लोग उन्हें ट्रोल करते हैं या गालियां देते हैं और परिवार को भी इसमें घसीटते हैं, तो उन्हें उन लोगों पर दया आती है। उनका कहना था कि फिल्म एक अलग टॉपिक पर है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग अक्सर अधीर होकर बिना पूरी बात समझे जल्दी रिएक्ट कर देते हैं। (ये भी पढ़ें: "किसी समुदाय के खिलाफ..." घूसखोर पंडत टाइटल पर मनोज बाजपेयी ने दी सफाई)
मनोज बाजपेयी ने तोड़ी चुप्पी (Image Source: IMDb)
बहस में नहीं पढ़ना चाहिए
मनोज बाजपेयी ने कहा, 'मैं एक ऐसा इंसान हूं जिसे ज्ञान पाने की बहुत इच्छा रहती है, मैं पढ़ा-लिखा इंसान हूं और मेरे पास इतना समय या एनर्जी नहीं है कि मैं उन लोगों से बहस करूं जो बहुत जल्दी अपनी राय बना लेते हैं या खुद को ठीक से पढ़ाई भी नहीं करते। तो फिर उनसे बहस क्यों करनी? ऐसे लोगों के साथ बहस में नहीं पड़ना चाहिए जो आपको अपने स्तर पर नीचे खींचने की कोशिश करते हैं।'
