Independence Day 2026: सिद्धार्थ-अभय वर्मा ने बताई देशभक्ति की अपनी परिभाषा - EXCLUSIVE

  • Authored by: अभय
  • Updated Aug 15, 2026, 03:43 PM IST

Siddharth-Abhay Verma Zoom Interview: आजादी के दिन देशभक्ति की बात हो और जवानों की बहादुरी का जिक्र न हो, ऐसा कैसे हो सकता है। अब सिद्धार्थ और अभय वर्मा ने भी अपनी सोच बताई है।

Siddharth-Abhay Verma Zoom Interview: 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2026) के मौके पर हर तरफ देशभक्ति की बातें हो रही हैं। फिल्मों और वेब सीरीज में भी देश के लिए कुछ कर गुजरने वाले जवानों की कहानियां दर्शकों को काफी पसंद आती हैं। ऐसी ही एक कहानी इन दिनों चर्चा में है, जो 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना के एक बेहद अहम मिशन को दिखाती है। इसी कहानी का हिस्सा हैं सिद्धार्थ (Siddharth) और अभय वर्मा (Abhay Verma)। हम बात कर रहे वेब सीरीज ऑपरेशन सफेद सागर (Operation Safed Sagar)। सिद्धार्थ और अभय वर्मा ने Zoom को दिए इंटरव्यू में देशभक्ति को लेकर अपनी सोच बताई। तो चलिए जानते हैं सिद्धार्थ और अभय वर्मा ने क्या कहा है।

Siddharth-Abhay Verma Zoom Interview

अभय वर्मा और सिद्धार्थ ने किया ये खुलासा (Image Source: AI/ Zoom)

सिद्धार्थ और अभय वर्मा ने दिया ये रिएक्शन

ऑपरेशन सफेद सागर के एक्टर सिद्धार्थ ने Zoom से खास बातचीत में कहा, 'मेरे लिए देशभक्ति का मतलब फिल्म से पहले और बाद में एक जैसा ही है। बचपन से ही मुझे अपने देश के लिए बहुत प्यार रहा है। कुछ दिन पहले एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की एक बात सुनी, जो दिल को छू गई। उन्होंने कहा कि हर जवान वर्दी में नागरिक है और हर नागरिक वर्दी के बाहर जवान है। मेरे लिए देशभक्ति यही है।' वहीं अभय वर्मा ने याद किया कि एयरफोर्स स्टेशनों और एयरबेस पर शूटिंग करने के बाद जब वो मां को फोन करते थे तो बातें और भी खास लगने लगीं। उन्होंने कहा कि इस अनुभव से उन्हें जिम्मेदार नागरिक होने और दूसरों का सम्मान करने की अहमियत समझ में आई। 'एयरफोर्स के लोग और पायलट हर दिन जीते हैं और हर दिन मौत के मुंह में जाते हैं। अब हर चीज पहले से ज्यादा मायने रखती है।' देश के लिए आम नागरिक क्या कर सकते हैं, इस पर सिद्धार्थ ने रंग दे बसंती वाला डायलॉग दोहराया, 'कोई भी देश परफेक्ट नहीं होता, उसे परफेक्ट बनाना पड़ता है। ये खुद से शुरू होता है। हर व्यक्ति अगर अपनी पूरी कोशिश से खुद का सबसे अच्छा वर्जन बने, तो मिलकर हम वो कर सकते हैं जिसकी कभी कल्पना भी नहीं की। ये घर से ही शुरू होता है। सिर्फ बातें नहीं, जिम्मेदारी लेनी पड़ती है।'

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