'फिल्म एक्सपर्ट के बहम तोड़ दिए' धुरंधर 2 की सक्सेस पर प्रियदर्शन का रिएक्शन, 'एनिमल' को लेकर कही ये बात

  • Authored by: अभय
  • Updated Apr 1, 2026, 03:43 PM IST

Priyadarshan on Dhurandhar 2: बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर प्रियदर्शन (Priyadarshan) ने अभी हाल ही में Zoom को एक इंटरव्यू दिया है। इस इंटरव्यू के दौरान प्रियदर्शन ने फिल्म धुरंधर : द रिवेंज (Dhurandhar: The Revenge) की सफलता पर रिएक्शन दिया है। प्रियदर्शन ने रणवीर सिंह की फिल्म को लेकर कहा कि...

Priyadarshan on Dhurandhar 2: बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर प्रियदर्शन (Priyadarshan) ने फिल्म धुरंधर : द रिवेंज (Dhurandhar: The Revenge) और एनिमल (Animal) जैसी फिल्मों की जबरदस्त सफलता पर अपनी राय रखी है। Zoom से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इन दोनों फिल्मों ने उन सभी फिल्म एक्सपर्ट्स और थ्योरी वाले लोगों की सारी धारणाएं तोड़ दी हैं, जो कहते थे कि आजकल की ऑडियंस सिर्फ लाइट-हार्टेड या फॉर्मूला वाली फिल्में ही देखना चाहती है। प्रियदर्शन ने Zoom को दिए इंटरव्यू में अलावा भी कई मुद्दों पर अपनी राय रखी है, जिसको लेकर काफी चर्चा हो रही है। तो चलिए जानते हैं इंटरव्यू के दौरान प्रियदर्शन ने क्या-क्या बोला है। (ये भी पढ़ें: EXCLUSIVE: अक्षय खन्ना के साथ काम करना आसान नहीं, प्रियदर्शन ने किया बड़ा खुलासा)

Priyadarshan on  Dhurandhar 2

'फिल्म की कोई लिमिट नहीं है'

Zoom से खास बातचीत में प्रियदर्शन ने कहा, 'कोई टाइम लिमिट नहीं है। दो फिल्में हैं जो इसे साबित करती हैं और ये दोनों फिल्में भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी हिट फिल्में हैं एक धुरंधर है और दूसरी एनिमल है। इन दोनों ने लोगों को थिएटर में चार-चार घंटे तक बैठाया और लोग दोबारा फिल्म देखने जा रहे हैं। तो सारी थ्योरी और फिल्म एक्सपर्ट्स की सारी थ्योरी इन फिल्मों ने तोड़ दी।' आपको बता दें कि रणबीर कपूर और संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म एनिमल की थिएटर रनटाइम 3 घंटे 21 मिनट था। वहीं धुरंधर की लंबाई 3 घंटे 34 मिनट थी। (ये भी पढ़ें: अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' के ट्रेलर की बदली रिलीज डेट, अब इस दिन मेकर्स उठाएंगे पर्दा)

'थिएटर हमेशा रहेंगे'

प्रियदर्शन ने इंटव्यू के दौरान कहा कि 'मुझे लगता है कि फिल्म देखने का सबसे अच्छा तरीका थिएटर ही है। खासकर कॉमेडी फिल्मों में वो मजा OTT पर बैठकर देखने में नहीं आता। OTT पर देखते समय कभी-कभी सिर्फ मुस्कान आती है, लेकिन थिएटर में वो मुस्कान जोरदार हंसी बन जाती है। जब आपके आसपास 10 लोग हंसते हैं, तो आप भी हंस पड़ते हैं। ये बहुत खूबसूरत एहसास है।' डायरेक्टर ने कहा कि सिनेमा हमेशा आगे बढ़ता रहेगा, क्योंकि भारत में आम आदमी के लिए ये सबसे सस्ता और अच्छा मनोरंजन है। उनके अनुसार, थिएटर के दर्शक हमेशा बने रहेंगे।

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