The Real Hero: जब देश के लिए कारगिल की जंग में उतर गए थे Nana Patekar, दिखाया था देशभक्ति का जज्बा

फिल्मों में देशभक्ति का जज्बा दिखाने वाले नाना पाटेकर ने कारगिल युद्ध के दौरान इसे असल जिंदगी में भी साबित किया। QRT से जुड़कर उन्होंने 60 दिन जवानों के साथ बिताए और देश की रक्षा के जज्बे को महसूस किया।

Nana Patekar The Real Hero: कुछ शख्सियतें ऐसी होती हैं, जो दुनिया से जाने के बाद भी लोगों की यादों में हमेशा जिंदा रहती हैं। बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर नाना पाटेकर (Nana Patekar) के निधन की खबर ने भी हर किसी को झकझोर दिया है। 75 साल की उम्र में उनके निधन की खबर से फैंस और फिल्म इंडस्ट्री सदमे में है। नाना पाटेकर ने अपने फिल्मी करियर में हर किरदार को पूरी शिद्दत से निभाया, लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब देश की रक्षा की बात आई, तो उन्होंने फिल्मों से अलग हटकर कारगिल युद्ध के दौरान जवानों के साथ खड़े होने का फैसला किया था? आखिर क्या है नाना पाटेकर से जुड़ा यह किस्सा, आइए जानते हैं इस खास रिपोर्ट में...(Times Now Navbharat पर ये भी पढ़ें-Nana Patekar की मौत की खबर सुनकर Tanushree Dutta ने शेयर किया VIDEO, यूज किए चौंकान वाले शब्द)

nana patekar the real hero

जब देश के लिए कारगिल की जंग में उतर गए थे नाना पाटेकर (pic credit-instagram/chatgpt)

नाना पाटेकर का जज्बा

नाना पाटेकर ने पर्दे पर सैनिक का किरदार निभाने के साथ-साथ असल जिंदगी में भी सेना को करीब से समझा है। कारगिल युद्ध के दौरान वह करीब 60 दिन तक जवानों के साथ रहे। श्रीनगर, द्रास और लेह जैसे मुश्किल इलाकों में रहकर उन्होंने सैनिकों की जिंदगी को करीब से देखा। इस दौरान कठिन परिस्थितियों का असर ऐसा हुआ कि उनका वजन करीब 76 किलो से घटकर 56 किलो रह गया। दरअसल, नाना का सेना से जुड़ाव काफी पुराना है। साल 1991 में आई फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में उन्होंने आर्मी कमांडो का रोल निभाया था। नाना चाहते थे कि सैनिक का किरदार सिर्फ एक्टिंग तक सीमित न रहे, बल्कि उसे असली ट्रेनिंग और अनुशासन के साथ समझा जाए। इसी वजह से उन्होंने करीब तीन साल तक कमांडो ट्रेनिंग ली और मराठा लाइट इन्फैंट्री के साथ अभ्यास किया। इसी दौरान सेना के प्रति उनका जुड़ाव और मजबूत हुआ। बाद में उन्होंने 1980 के दशक के आखिर में टेरिटोरियल आर्मी भी जॉइन की।

End of Feed