Ishtiyak Khan Struggle Story: ऐसा कहा जाता है कि मुंबई नगरिया यूं ही किसी को कुछ नहीं देती है। नाम और शोहरत देने से पहले मुंबई शहर इंसान को पूरी तरह से निचोड़ लेती है और उसके बाद सपने साकार होते हैं। बॉलीवुड इंडस्ट्री के ऐसे कई सारे कलाकार हैं, जिनके माथे पर शोहरत का तिलक तब सजा जब वो स्ट्रगल की आग में खूब तप गए थे। अपनी इस रिपोर्ट में हम आपको इंडस्ट्री के एक ऐसे ही एक्टर के बारे में बताएंगे, जिसने फेमस होने से पहले ठेला लगाकर आमलेट बेचा और जब उसके एक स्टूडेंट ने उसे ये काम करते हुए देख लिया तो शर्म से पानी-पानी भी हो गया।
छोटे शहर और गांव के लोग जब किसी एक्टर को स्क्रीन पर देखते हैं तब उन्हें यही लगता है कि इस एक्टर के माथे पर लक्ष्मी तिलक कर रही है और शोहरत इसके कदम चूम रही है लेकिन उन्हें ये नहीं पता होता है कि स्क्रीन पर पहुंचने के लिए इस एक्टर ने क्या-क्या पापड़ बेले हैं। नवाजुद्दीन सिद्दिकी से लेकर ओमपुरी समेत कई ऐसे कलाकार रहे हैं, जिन्होंने एक्टिंग की दुनिया में नाम कमाने से पहले खूब स्ट्रगल की है। इस लिस्ट में एक नाम इश्तियाक खान का भी है। इश्तियाक खान को आप लोगों ने तमाशा, कमांडो, फुकरे रिटर्न्स और जॉली एलएलबी 2 जैसी फिल्मों में देखा होगा। इश्तियाक इंडस्ट्री के उन कलाकारों में से एक हैं, जिनके स्क्रीन पर आते ही दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। लोगों के गुदगुदाने वाले एक्टर इश्तियाक खान जब स्ट्रगल कर रहे थे तब उन्होंने पेट पालने के लिए बच्चों को एक्टिंग की ट्यूशन दी और जब गरीबी ने चारों तरफ से घेरा तो सड़क पर अंडे तक बेचे....
इश्तिाक खान ने अपने हालिया इंटरव्यू में स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए कहा है कि स्ट्रगलिंग डेज में पैसों के लिए वो कई तरह के काम कर रहे थे। इनमें से एक काम अंडे बेचना भी था। इश्तियाक खान ने बताया, "स्ट्रगल के दिनों में मैं बच्चों को म्यूजिक और डांस सिखाता था। इस दौरान मैं शाम को अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर अंडे का स्टॉल भी लगाता था। एक दिन मेरी दुकान पर मेरा ही एक स्टूडेंट आ गया। उसने मुझे अंडे बेचते हुए देखा, जिससे उसे बड़ा झटका लगा। अपने स्टूडेंट को सामने देखकर मैं भी शर्मसार हो गया। बच्चे मेरी इज्जत करते थे, जिस कारण मुझे समझ नहीं आया कि मैं क्या करूं। मैं शर्म से इस तरह भर गया था कि मैं अगले दिन क्लास लेने ही नहीं गया। अगले दिन मेरा स्टूडेंट फिर से आया लेकिन इस दफा उसके पापा भी साथ थे। लड़के ने अपने पापा को बताया कि ये मेरे सर हैं। उसके पापा ने मुझसे कुछ नहीं कहा और वो दिन गुजर गया। मेरे एक सीनियर हुआ करते थे, जिनसे मैंने ये बात शेयर की। उन्होंने मुझे समझाया और पूछा कि क्या मैं चोरी करता हूं जो शर्म महसूस कर रहा हूं? उनके समझाने के बाद मुझमें हिम्मत आई और मैंने दोबारा अपना काम शुरू किया।"
इश्तियाक खान ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि उनके दोस्तों ने कभी भी उन्हें ये अहसास नहीं दिलाया कि उनके पास पैसे नहीं हैं। इश्तियाक के अनुसार, "मेरे दोस्तो को पता था कि मेरे पास पैसे नहीं है। उन्होंने मुझसे कभी भी चाय के पैसे देने को नहीं कहा। उनकी सारी चीजें मैं यूज करता था लेकिन उन्होंने कभी भी मुझे छोटा महसूस नहीं कराया। मेरे आसपास हमेशा से अच्छे लोग रहे हैं, जिसकी वजह से मैं अच्छा इंसान बन पाया हूं।"
ऐसा नहीं है कि इश्तियाक खान को हमेशा अच्छे ही लोग मिलते रहे हैं। उन्होंने मुंबई आने वाले दी जिंदगी के बारे में भी चीजें शेयर की और बताया कि यहां आकर उन्हें अमीरी-गरीबी का अहसास हुआ। इश्तियाक के अनुसार, "मैं हमेशा से ही सबका दोस्त रहा हूं। अमीर हो या फिर गरीब... मेरी दोस्ती सभी के साथ रही है। हालांकि जब मैं मुंबई आया तब मुझे पता चला कि लोग मुस्लिम और दलितों में के साथ अलग तरह से पेश आते हैं, जो मेरे लिए किसी कल्चरल शॉक जैसा था।"
इश्तियाक खान ने बहुत कम शब्दों में जिंदगी की बड़ी-बड़ी बातें शेयर की हैं, जिनसे हम सबको यही सीख मिलती है कि लोग चाहें अच्छे मिलें या फिर गलत... बस सपने देखना नहीं छोड़ना चाहिए। वैसे आपको इश्तियाक खान की कौन सी फिल्म और कौन सा किरदार सबसे अच्छा लगता है, हमें कमें में जरूर बताएं।
