IFFI 2022: इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया, IFFI 2022 में अब एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। IFFI के ज्यूरी हेड और इस्राइल के फिल्म मेकर नादव लैपिड ने इस साल की कुछ सबसे सफल हिन्दी फिल्मों में से एक ‘द कश्मीर फाइल्स’ (The Kashmir Files) पर बड़े सवाल उठाए हैं। लैपिड ने अनुपम खेर स्टारर फिल्म द कश्मीर फाइल्स को 'प्रोपेगेंडा' और 'वल्गर फिल्म' करार दिया है। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि उन्हें हैरानी है कि इस फिल्म ने नेशनल अवॉर्ड कैसे जीत लिया है। इस बीच ध्यान देने वाली बात यह भी है कि लैपिड ने यह बयान केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर और कई मंत्रियों की उपस्थिति में दिया है।
The Kashmir Files at IFFI 2022
IFFI 2022 में 'द कश्मीर फाइल्स' को लेकर मचा बवाल
IFFI 2022 के जूरी प्रमुख नादव लैपिड ने अपने भाषण में कहा, ‘हम सभी 15वीं फिल्म द कश्मीर फाइल्स से परेशान और हैरान थे। यह एक प्रोपेगेंडा का शिकार फिल्म है। इस फिल्म को देखकर काफी वल्गर महसूस हुआ है। इस फिल्म फेस्टिवल में इस फिल्म को नॉमिनेट करना भी बड़ी हैरानी की बात है। मैं इस मंच पर आपके साथ इन भावनाओं को खुले तौर पर शेयर करना चाहता हूं। इस फिल्म फेस्टिवल में केवल कला और जिंदगी को बढ़ावा देने वाली फिल्मों के बारे में ही बात होनी चाहिए’।
#Breaking: #IFFI Jury says they were “disturbed and shocked” to see #NationalFilmAward winning #KashmirFiles, “a pr… t.co/LbB8cE9RZH
— ANI (@ANI) Nov 28, 2022
अनुपम खेर ने ऐसे दिया जवाब
इसके साथ ही अब IFFI 2022 के जूरी के बयान का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग भी इसपर अपनी राय रख रहे हैं। इस बीच द कश्मीर फाइल्स के लीड एक्टर अनुपम खेर ने IFFI 2022 में फिल्म को लेकर आए इस कमेंट के बाद एक ट्वीट शेयर किया है जिसमें उन्होंने लिखा, ‘झूट का कद कितना भी ऊँचा क्यों ना हो.. सत्य के मुक़ाबले में हमेशा छोटा ही होता है.’। अब फैंस इंतजार कर रहे हैं कि फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री इस पर किस तरह से रिएक्ट करते हैं।
झूट का क़द कितना भी ऊँचा क्यों ना हो.. सत्य के मुक़ाबले में हमेशा छोटा ही होता है.. t.co/OfOiFgkKtD
— ANI (@ANI) Nov 28, 2022
बात दें फिल्म द कश्मीर फाइल्स इसी साल 11 मार्च 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज की गई थी। फिल्म में उन कश्मीरी पंडितों की कहानी को दिखाया गया है, जिन्हे साल 1991 में अपनी जन्मभूमि कश्मीर से ही भागने पर मजबूर कर दिया गया था। फिल्मों को देशभर में काफी प्यार मिला है।
