Bobby Deol on Bandar Movie: बॉलीवुड के फेमस एक्टर बॉबी देओल (Bobby Deol) की अपकमिंग फिल्म बंदर (Bandar) इन दिनों चर्चा में बनी हुई है। फिल्म बंदर को लेकर अब तक कई अपडेट सामने आ चुके हैं। फिल्म बंदर 5 जून को बड़े पर्दे पर रिलीज होने वाली है। फिल्म की रिलीज से पहले बॉबी देओल इसका जमकर प्रमोशन कर रहे हैं। इन सब के बीच बॉबी देओल का एक इंटरव्यू सामने आया है, जो एक्टर ने Times Now को दिया है। इस इंटरव्यू के दौरान बॉबी देओल ने फिल्म बंदर से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। बॉबी देओल ने अपने रोल को लेकर भी बड़ा खुलासा किया। तो चलिए जानते हैं बॉबी देओल ने इस इंटरव्यू के दौरान क्या बोला है। (ये भी पढ़ें: 'बंदर' बनकर बॉक्स ऑफिस पर कब्जा कर लेंगे बॉबी देओल, फिल्म को लेकर आया बड़ा अपडेट)
बॉबी देओल ने फिल्म बंदर के किरदार को लेकर तोड़ी चुप्पी (Image Source: IMDb/ Timesnow)
बॉबी देओल ने 'बंदर' की स्टोरी पर कही ये बात
एक्टर बॉबी देओल ने टाइम्स ग्रुप की एडिटर-इन-चीफ नाविका कुमार के साथ फिल्म बंदर की स्टोरी को लेकर चर्चा की। Newshour at 9 में बॉबी देओल ने कहा कि 'मैं मानता हूं कि हमारे देश में ही नहीं, दुनिया के कई देशों में महिलाओं को आज भी पुरुषों के मुकाबले ज्यादा मुश्किलों और अन्याय का सामना करना पड़ता है। ये सच्चाई है और दुख की बात भी।' हालांकि बॉबी ने ये भी कहा कि ऐसा नहीं है कि सिर्फ महिलाओं के साथ ही गलत होता है। उन्होंने कहा, 'कई पुरुष भी ऐसे हालात से गुजरे हैं जहां उनके साथ नाइंसाफी हुई। मैं ये नहीं कह रहा कि महिलाएं हमेशा गलत होती हैं या पुरुष हमेशा सही होते हैं।' (ये भी पढ़ें: बॉबी देओल की होगी ऑनस्क्रीन बेटे से भिड़ंत, Chand Mera Dil से भिड़ेगी Bandar)
भाई होने पर लगता था ये डर
एक भाई के तौर पर अपनी सबसे बड़ी चिंता के बारे में बॉबी देओल ने कहा, 'मेरी बहनें हैं, इसलिए मुझे हमेशा ये डर लगा रहता था कि उनकी शादी जिस घर में होगी, वहां लोग उनके साथ कैसा बर्ताव करेंगे। ये सोचकर डर लगता था।' महिलाओं के प्रति भेदभाव पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 'हम ऐसे माहौल में बड़े हुए हैं जहां हमेशा पुरुषों का पलड़ा भारी रहा है। मेरी इतनी बहनें हैं, इसलिए ये डर हमेशा मन में रहा।'
अपने किरदार को लेकर कही ये बात
बॉबी देओल ने फिल्म बंदर में अपने किरदार को लेकर बात करते हुए कहा कि 'मेरा किरदार इस बात पर जोर देता है कि इंसाफ हर हाल में होना चाहिए। जब तक सच सामने नहीं आता, तब तक बेगुनाह लोग इसकी कीमत चुका सकते हैं। ये फिल्म किसी जेंडर की नहीं, बल्कि न्याय की कहानी है।' उन्होंने आगे कहा, 'अगर देखा जाए तो आज भी बड़ी संख्या में महिलाएं तरह-तरह की परेशानियां झेल रही हैं। लेकिन ये फिल्म किसी बहस को सही या गलत साबित करने के लिए नहीं बनाई गई है। ये बस एक ऐसी कहानी है, जो समाज में मौजूद हकीकत को दिखाती है।'
